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कोरबा के गेवरा-दीपका कोयलांचल क्षेत्र में मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। दीपका परियोजना के वर्कशॉप परिवार ने मिलकर एक अनाथ युवक और एक जरूरतमंद युवती का विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ कराया। इस पहल में लोगों ने आर्थिक मदद से बढ़कर बेटी-बेटे के माता-पिता बनकर अपना फर्ज निभाया। ओडिशा के बालासोर निवासी रंजीत राउत ने बचपन में ही अपने माता-पिता को खो दिया था। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई पूरी की और बाद में एक निजी कंपनी में नौकरी मिली, लेकिन शादी को लेकर वे परेशान थे। दीपका परियोजना के इंजीनियर रघुवंश सिंह लंबे समय से उनके भविष्य को लेकर मदद कर रहे थे। इसी दौरान बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक छोटे कस्बे में रहने वाली एक गरीब युवती के परिवार की जानकारी मिली। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए दोनों परिवारों की बात हुई और आपसी सहमति से दोनों की शादी तय कर दी गई। दीपका वर्कशॉप परिवार ने निभाई शादी की पूरी जिम्मेदारी विवाह समारोह में दीपका वर्कशॉप परिवार ने दोनों पक्षों की जिम्मेदारी संभाली। सरिता रघुवंश सिंह ने कन्यादान और वधू पक्ष की रस्में निभाईं। क्रेन-ग्रेड-पेलोडर-डोजर इंचार्ज नवीन सिंह क्षत्रिय, शिवचरण राठौर और बृजेश कुमार मिश्रा ने वर पक्ष की भूमिका निभाई। प्रगति नगर निवासी ज्योति राजेश जायसवाल दंपती ने स्वेच्छा से कन्यादान कर गृहस्थी का सामान भेंट किया। इस पुनीत कार्य के लिए दीपका वर्कशॉप के अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगरवासियों ने मिलकर 2 से 2.5 लाख रुपए जुटाए। दहेज में कूलर, अलमारी, डबल बेड, पंखा, कांसे के बर्तन सहित अन्य घरेलू सामान दिए गए। विवाह की सभी रस्में, जैसे मेहंदी, हल्दी, मंडप, बारात और वैदिक मंत्रों के साथ फेरे संपन्न हुए। फेरों के समय उपस्थित लोगों ने पुष्पवर्षा कर नवदंपती को आशीर्वाद दिया। इस आयोजन में संदीप मानिकपुरी, रमेश गुरुद्वान, बनवारीलाल चंद्रा, गया प्रसाद चंद्रा, जगमोहन कौशिक, शिव शंकर शुक्ला, संजय पांडे, राजेंद्र जायसवाल सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। भावुक माहौल में कई लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा नवीन सिंह क्षत्रिय ने तैयार की और समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ा। रघुवंश सिंह ने कहा कि रंजीत को संघर्ष करते देख उन्हें उसके विवाह की चिंता रहती थी, आज उन्हें आत्मिक संतोष मिला है। शिवचरण राठौर ने कहा कि यदि समाज एकजुट हो जाए तो कोई भी नेक कार्य असंभव नहीं है।
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