पंडरी मार्केट में डबल शटर वाली 19 दुकानों के एक छोर पर ताला लगने के बावजूद जाम की समस्या हल नहीं हो पाई है। वहीं खाली जगहों पर लोग टॉयलेट कर रहे हैं। दरअसल, कुछ महीने पहले नगर निगम ने इन दुकानों को बंद कराया था। ये दुकानें दो तरफ से खुलती थी।
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पहला कपड़ा मार्केट गेट से भीतर की ओर से और दूसरा, गेट के दूसरे छोर यानी कि मेन सड़क की ओर से। जब एक छोर से दुकान बंद हुई तो व्यापारियों ने बड़ा बवाल किया। नगर निगम पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
वहीं निगम के अधिकारियों का यह कहना था कि रोड पर शटर ओपन होने पर ग्राहक मार्केट के भीतर नहीं जाते। बाहर ही गाड़ी पार्क पर कर खरीददारी करते हैं। जिसके चलते जाम लगता है, और बाकी लोगों काे परेशानी होती है।

दुकानों का शटर बंद होने के बाद लगभग एक किमी दूर तक लोग कार पार्क कर रहे हैं।
लोगों ने खाली को टॉयलेट बनाया, अब भी लग रहा लंबा जाम
इस मामले को बीते बहुत समय नहीं हुए हैं। दुकान बंद करने के पीछे मूल ये था कि ट्रैफिक का फ्लो बना रहे, सड़क जाम ना हो। लेकिन इसके उलट अब भी बंद दुकानों के सामने ही गाड़ियां पार्क हो रही हैं। कारों की लंबी कतार इन दुकानों के सामने लगी रहती है।

पार्क की हुई गाड़ियों के चलते सड़क के एक एंड की चौड़ाई घट जाती है। जिससे गाड़ियां फंसती हैं।
इतना ही नहीं भास्कर की टीम जब ग्राउंड पर पहुंची तो दिखा ये कि खाली पड़ी जगह को लोग अब टॉयलेट के तौर पर उपयोग रहे हैं। मार्केट में मेल डेडिकेटेड टॉयलेट नहीं है। फेस्टिव सीजन चल रहा है, मार्केट में भीड़ लगातार बढ़ रही है। बेढंग तरीके से वाहन पार्किंग रोज पंडरी मार्केट में जाम लग रहा है।

पार्किंग के बाद सड़क पर जगह बच जाती है, उसे लोग टॉयलेट के तौर पर उपयोग कर रहे हैं।
निगम ने सिर्फ दुकानें बंद कराई, व्यवस्था नहीं सुधारी
निगम ने दुकान बंद करा कर खुद को फुर्सत कर लिया। लेकिन व्यवस्था का जायजा लेने कोई नहीं आया। व्यापारियों ने अपने खर्चे पर जरूर नो पार्किंग जोन का बोर्ड सड़कों पर लगाया है। लेकिन ये बोर्ड किसी पार्टी के मेनिफेस्टो की तरह है। जिन पर कभी अमल ही नहीं किया जाता।

निगम की गाड़ियां मार्केट में आती तो हैं, लेकिन व्यवस्था जस की तस रहती है।
शहर की फर्स्ट लेडी यानी मेयर चौबे से जब इस समस्या पर हमनें सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिया – जाम होने के चलते आम लोगों की शिकायत पर दुकानें बंद कराई गई थी। इसके बाद वो आगे बढ़ गईं। मैसेज ये था कि उन्होंने अपना काम कर दिया है। अब आगे लोगों की अपनी समझ है।

दुकानदारों ने कहा – दुकान खुलती थीं, तो मार्केट टॉयलेट तो नहीं बना था
आस-पास के दुकानदारों से हमने बात की तो उन्होंने बताया- दुकानें बंद करवा दी गई हैं, इससे कोई समस्या नहीं है। लेकिन मूल समस्या का हल तो हुआ ही नहीं है। दुकानें खुलती थी तो हमने अपने खर्चे पर गार्ड लगाकर रखा था। नो पार्किंग जोन का बोर्ड भी लगाया था।
दुकानदार खुद ही ये ध्यान रखते थे कि उनकी दुकानों से सामने पार्किंग न की जाए। लेकिन जबसे सड़क की ओर का शटर बंद हुआ है, लोग घंटों तक पूरी बेफिक्री के 1 किमी तक अपनी कार और गाड़ियां पार्क करके छू-मंतर हो जाते हैं। ई-रिक्शा और ठेले वालों ने इसे अपना अड्डा बना लिया है।


पुलिस ने पार्किंग के लिए जारी की गाइडलाइन
हालांकि पुलिस ने जरूर इस फेस्टिव सीजन में शहर के सभी बड़े मार्केट के लिए ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए गाइडलाइन जारी की है। पुलिस ने शहर इन चार जोन में बांटा है-
- मालवीय रोड, गोल बाजार, सदर बाजार और एमजी रोड क्षेत्र
- पंडरी कपड़ा मार्केट क्षेत्र
- तेलीबांधा बाजार क्षेत्र
- पुरानी बस्ती बाजार क्षेत्र
इन सभी चार जोन के लिए पुलिस ने पार्किंग स्थल तय किए हुए हैं। पंडरी कपड़ा मार्केट में मार्केट में टर्निंग स्थित खाली मैदान और छत्तीसगढ़ हार्ट की बगल वाली सड़क को पार्किंग जोन बनाया गया है।
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