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जिले में 21 से 23 दिसंबर 2025 तक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में 1995 से चल रहे इस टीकाकरण अभियान का उद्देश्य पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर इस घातक रोग से बचाना है।
अभियान के तहत रविवार, 21 दिसंबर को निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को दो बूंद पोलियो की वैक्सीन पिलाई जाएगी। जिन बच्चों को बूथ पर खुराक नहीं मिल पाएगी, उन्हें 22 और 23 दिसंबर को घर-घर जाकर वैक्सीन पिलाई जाएगी। जिले के विकासखंड कवर्धा में 28,525, बोड़ला में 24,758, सहसपुर लोहारा में 20,175 और पंडरिया में 39,625 बच्चों को कार्ययोजना के अनुसार पोलियो की खुराक दी जाएगी। कुल लक्ष्य 1,13,083 बच्चों को पोलियो से सुरक्षित करना है। इसके लिए जिले में 942 बूथ और 1,884 टीम सदस्य तैनात किए गए हैं, जिनकी निगरानी 377 पर्यवेक्षक करेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तुरे ने बताया कि भारत में 2011 के बाद पोलियो का कोई भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। अभियान के दौरान उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे गुड़ फैक्ट्री, ईट भट्ठा, बस स्टैंड, घुमंतू बसाहटें और शहरी स्लम में विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि पोलियो की अतिरिक्त खुराक देने से संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित होगी। कलेक्टर ने कहा कि 21 दिसंबर को सभी माता-पिता अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य ले जाएं। ‘दो बूंद जिंदगी की’ हर बच्चे के लिए स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करती है। पल्स पोलियो अभियान के लिए टीकाकर्मी का प्रशिक्षण, वैक्सीन का वितरण और लॉजिस्टिक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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