छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर सियासत तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने प्रदेश में दो कथावाचकों पं. प्रदीप मिश्रा और पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। भूपेश बघेल ने यह भी कहा था कि बीजेपी और आरएसएस हिंदू ख
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बागेश्वर सरकार की कथा को लेकर की जा रही है तैयारियां।
हिंदू परिवारों पर नहीं बोलते बघेल राकेश पांडेय ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले, हिंदू परिवारों पर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इस पर उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आती। पांडेय ने कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई कथावाचक भगवान शिव या भगवान हनुमान की कथा सुनाता है, तो उसमें राजनीति ढूंढना ठीक नहीं है। कथा का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक शांति और संस्कार देना होता है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना। इस तरह के बयान समाज में दूषित मानसिकता फैलाते हैं।
25 दिसंबर से आयोजित हो रही पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा भिलाई में 25 से 29 दिसंबर तक बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री कथा करेंगे। आयोजनकर्ताओं ने भूपेश बघेल को भी आमंत्रित करते हुए कहा कि वे स्वयं कथा में आएं, सुनें और समझें कि वहां क्या कहा जाता है। इससे पहले भूपेश बघेल ने दुर्ग में ही कथावाचकों को लेकर यह बयान दिया था, जिसके बाद बीजेपी ने कड़ा आक्रोश जताया था।
कलश यात्रा के साथ होगी शुरुआत कथा का आयोजन जयंती स्टेडियम के समीप मैदान में होगा, जहां श्रद्धालु पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमंत कथा करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सेवा समर्पण समिति द्वारा किया जा रहा है, जिसके संयोजक राकेश पांडेय हैं। कथा के पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा का प्रारंभ सिविक सेंटर चौक से होगा। इसमें बड़ी संख्या में मातृ शक्तियों को पीले वस्त्र धारण कर कलश के साथ आमंत्रित किया गया है।
श्रद्धालुओं के की जा रही व्यवस्था, सीसीटीवी भी लगाए गए कार्यक्रम संयोजक राकेश पांडेय ने बताया कि आयोजन को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। साफ-सफाई, पार्किंग, भोजन और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और उनकी निगरानी के लिए अलग से मॉनिटरिंग कक्ष भी तैयार किया गया है।
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