एनएसयूआई ने छत्तीसगढ़ के राज्य गीत ‘आरपा पैरी के धार’ को हर सार्वजनिक स्थान पर बजाने की मांग की है। राज्य स्थापना दिवस से पहले एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह मांग की गई कि आगामी 1 नवंबर को जब छत
.
NSUI ने बताया कि “आरपा पैरी के धार” सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा और पहचान है। इसे हर सरकारी कार्यक्रम, विद्यालय, सार्वजनिक स्थान और रेलवे स्टेशन पर अनिवार्य रूप से बजाया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी में प्रदेश के प्रति गर्व और सांस्कृतिक चेतना विकसित हो सके। छत्तीसगढ़ की स्थापना को दो दशक से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक राज्य गीत को वह मान्यता और सम्मान नहीं मिल सका, जिसकी यह प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस गीत के बोल और धुन छत्तीसगढ़ की मिट्टी, संस्कृति और लोगों की भावनाओं को बखूबी व्यक्त करते हैं। ऐसे में इसे केवल राज्य गीत के रूप में घोषित करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि इसे हर मंच और सरकारी कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
“अगर सरकार इस मांग पर जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो एनएसयूआई कार्यकर्ता रायपुर रेलवे स्टेशन में रिक्शा चलाकर और लाउडस्पीकर के माध्यम से राज्य गीत बजाकर अपनी सांस्कृतिक अस्मिता की आवाज उठाएंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और स्वाभिमान को सम्मान दिलाने के उद्देश्य से किया जाएगा।” हेमंत पाल, एनएसयूआई के प्रभारी महामंत्री

एनएसयूआई ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 2025: जिलों में भी मनाया जाएगा, मंत्री सांसद रहेंगे मुख्य अतिथि
छत्तीसगढ़ इस साल अपना 25वां स्थापना दिवस पहले से कहीं अधिक भव्य तरीके से मनाने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि 1 नवंबर 2025 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विशेष राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे और राज्य के विकास यात्रा की झलक पेश करेंगे।
राज्य शासन ने सभी जिलों के मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है। इस बार राज्योत्सव को “नए छत्तीसगढ़ – समृद्धि के 25 वर्ष” थीम के साथ मनाने की तैयारी है।”
सूची के अनुसार, राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। सरगुजा में मंत्री रामविचार नेताम, बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बस्तर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा राज्योत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।
इसी तरह, गरियाबंद में मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में मंत्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री लखनलाल देवांगन, जशपुर में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, और रायगढ़ में मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में मंत्री टंकराम वर्मा, बालोद में मंत्री गजेन्द्र यादव, कोरिया में मंत्री राजेश अग्रवाल, और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे।
इसके अलावा, कई जिलों में सांसदों को भी मुख्य अतिथि बनाया गया है।बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद संतोष पांडेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसद चिंतामणि महाराज, और महासमुंद में सांसद रूपकुमारी चौधरी शामिल होंगी।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया, सक्ति में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद महेश कश्यप, कांकेर में सांसद भोजराज नाग, और खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह कार्यक्रम में भाग लेंगे।
वहीं, कुछ जिलों में विधायक भी अतिथि रहेंगे —मुंगेली में पुन्नूलाल मोहले, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में धरमलाल कौशिक, धमतरी में अजय चंद्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में रेणुका सिंह, कोण्डागांव में लता उसेंडी, नारायणपुर में विक्रम उसेंडी, और सुकमा में किरण देव शामिल होंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की 25 साल की विकास यात्रा का उत्सव होगा — जिसमें स्थानीय संस्कृति, लोक कला और जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा।
<
