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आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को अवसर नहीं मिलने से नाराज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने नारायणपुर से कोंडागांव तक 52 किलोमीटर की पदयात्रा की। सैकड़ों स्थानीय युवा इसमें शामिल हुए और भर्ती प्रक्रिया रद्द कर स्थानीय युवाओं को प्राथ
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पदयात्रा के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने कोंडागांव के पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इससे पहले उन्होंने नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक से भी संपर्क किया था, लेकिन संतोषजनक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण उन्होंने अपनी पदयात्रा जारी रखी।
470 पदों में सिर्फ 7 स्थानीय युवाओं की भर्ती
NSUI नारायणपुर के जिला अध्यक्ष विजय सलाम ने बताया कि सरकार ने जिले में 470 आरक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, इस भर्ती में जिले के युवाओं को दहाई के आंकड़े तक भी स्थान नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुल 470 पदों में से केवल 7 स्थानीय युवाओं को ही नियुक्ति मिली, जो जिले के युवाओं के साथ अन्याय है।
आउटसोर्सिंग पर सरकार पर आरोप
सलाम ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार आउटसोर्सिंग के जरिए अन्य राज्यों के युवाओं को नौकरी दे रही है। जबकि स्थानीय आदिवासी और क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई “बस्तर फाइटर” योजना का जिक्र किया, जिसके तहत सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला था।
घोषणा पत्र और हकीकत में अंतर का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने घोषणा पत्र में स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का वादा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके विपरीत कार्य हो रहा है। इससे जिले के युवाओं में सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है।
भर्ती रद्द कर नई प्रक्रिया की मांग
NSUI नेताओं ने वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने और नारायणपुर जिले में स्थानीय युवाओं के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पदयात्रा में शामिल युवाओं ने स्पष्ट किया कि जिले के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय भर्ती की मांग को लेकर उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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