रेत घाट के विरोध में आए स्थानीय लोग।
बिलासपुर के अरपा नदी के सेंदरी-कछार में प्रस्तावित रेतघाट को लेकर जनसुनवाई हुई, जिसका किसी ने समर्थन नहीं किया। जबकि, विरोध में तीन गांव के लोगों ने एकजुट होकर विरोध किया। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने रेतघाट संचालन से जुड़ी शर्तें और मापदंड सुनने स
.
दरअसल, कछार सेंड माइन के नाम से अंकित मिश्रा द्वारा रेतघाट खोले जाने का प्रस्ताव है। इस पर जिला प्रशासन ने कछार में ही जनसुनवाई आयोजित की। इसमें सेंदरी, कछार और लोफंदी गांव के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिनमें महिलाओं की उपस्थिति भी रही। इस दौरान सभी ने एकजूटता के साथ रेत घाट खोलने का विरोध किया।

रेत घाट के लिए जनसुनवाई में अधिकांश लोगों ने किया खुलकर विरोध।
महिलाएं बोलीं- रेत घाट से बढ़ेगा अपराध जनसुनवाई शुरू होते ही महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि रेत परिवहन के दौरान एक बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी है। घाट खुलने के बाद गांवों में फिर से हादसे और अपराध बढ़ेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि पहले रेत संचालन के दौरान गोलीकांड तक हो चुका है।
42 ने खुलकर किया विरोध, 9 ने दिया लिखित आवेदन जनसुनवाई के दौरान कुल 42 लोगों ने अपनी बात रखते हुए मौखिक रूप से रेत घाट का विरोध किया। जबकि 9 लोगों ने लिखित आवेदन देकर रेतघाट खोलने पर विरोध जताया। प्रशासन की ओर से एडीशनल कलेक्टर डॉ. शिव बैनर्जी, संयुक्त कलेक्टर व बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू और क्षेत्रीय पर्यावरण मंडल के ईई आलोक साहू मौजूद रहे। तनाव और विवाद की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

नारेबाजी कर मचाया हंगामा।
लोगों ने कहा- जनभावना का सम्मान करे प्रशासन जनसुनवाई में जनपद सदस्य राजेंद्र प्रसाद साहू ने कहा कि रेत घाट में गोलीकांड हो चुका है, हादसे में बच्चे की जान जा चुकी है। तीनों गांव के ग्रामीण रेतघाट खुलने के विरोध में हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन घाट खोलने पर अड़ा है। वहीं, लोफंदी के उपसरपंच विष्णु प्रसाद देवांगन ने कहा कि हम तीनों गांव के लोग एकमत हैं। हमें रेतघाट नहीं चाहिए। रेतघाट से होने वाले नुकसान का अनुभव पहले कर चुके हैं। जनभावना इसके विरोध में है। ग्रामीण अनिल यादव ने कहा कि कछार में खुलने वाले रेतघाट का हम विरोध करते हैं। प्रशासन यदि जनभावना का सम्मान करेगा तो रेतघाट नहीं खुलेगा, अन्यथा विरोध जारी रहेगा।

रेत ठेकेदारों पर लगाए गुंडागर्दी के आरोप।
राज्य पर्यावरण विभाग को भेजी जाएगी रिपोर्ट एडिशनल कलेक्टर डॉ. शिव बनर्जी ने कहा कि जनसुनवाई में सभी को बोलने का पूरा अवसर दिया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है। जनसुनवाई की रिपोर्ट तैयार कर राज्य पर्यावरण विभाग को भेजी जाएगी।
<
