बागबाहरा के किसान मनबोध ने टोकन न मिलने पर ब्लेड से अपने गले पर वार करके हत्या का प्रयास किया था, इस मामले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है, कांग्रेस ने कहा कि दो हफ्ते का वक्त बीत जाने के बाद भी कोई भाजपा नेता या मंत्री किसान स
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क्या था पूरा मामला
दरअसल, मनबोध धान बेचने के लिए 3 दिनों से चॉइस सेंटर का चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें टोकन नहीं मिल पा रहा था। मोबाइल नंबर से संबंधित कुछ परेशानी के कारण टोकन नहीं कट पा रहा था, जिससे परेशान हो गया था। और ब्लेड से अपने गले पर कई वार किए।
मवेशियों को चराने निकले थे, खेत में काट लिया गला
शंकर गाड़ा ने बताया कि खेमड़ा सोसायटी में 50 कट्टा धान बेचने के लिए टेंशन में थे। रोज की तरह सुबह 8 बजे मवेशियों को चराने निकले थे। गांव के खेतों में ही उन्होंने अचानक ब्लेड से अपना गला काट लिया। इससे बहुत ज्यादा खून बह गया है। ग्रामीणों ने गला काटने की सूचना परिजनों को दी। इसके बाद 112 के माध्यम से किसान को अस्पताल ले जाया गया। बागबाहरा अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां से महासमुंद मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत गंभीर होने की वजह से रायपुर रेफर किया गया है।
किसान से मिलने पहुंचा था कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

किसानों से मिलने पहुंचा था कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
वहीं किसान मनबोध गाड़ा से मुलाकात करने कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अंबेडकर अस्पताल पहुंचा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित प्रतिनिधिमंडल ने किसान के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि किसान सरकार की किसान-विरोधी नीतियों का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है और किसान इस व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी, तौल में गड़बड़ी और वजन घटतौली जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, धान के लिए की जाने वाली वसूली भी विवाद का कारण बनी हुई है।
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