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नेशनल हाईवे 343 पर अंबिकापुर–गढ़वा मार्ग में बघिमा के पास नए पुलिया निर्माण स्थल पर बने डायवर्सन में ट्रेलर खराब हो गया। इसके कारण करीब दो घंटे तक नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। ट्रेलर खराब होने की जानकारी मिलते ही ठेका कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रास्ता ठीक करने के लिए मिट्टी डालकर नया डायवर्सन बनाना शुरू किया। जानकारी के अनुसार नेशनल हाईवे 343 पर बरियो चौकी क्षेत्र के ग्राम बघिमा के पास नए पुल के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया है। वाहनों की आवाजाही के लिए वहां डायवर्सन बनाया गया है। सोमवार शाम करीब 7 बजे इसी डायवर्सन में एक ट्रेलर खराब हो गया। इसके कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों के साथ छोटे चारपहिया वाहनों की लंबी लाइन लग गई। दो घंटे बाद पहुंचे ठेका कर्मचारी ट्रेलर के खराब होने की सूचना मिलने पर रात करीब 9 बजे ठेका कंपनी के कर्मचारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर के फंसने के कारण बगल में मिट्टी डालकर अतिरिक्त डायवर्सन तैयार किया जा रहा है, ताकि वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। इस दौरान सड़क के दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। ठेकेदार की लापरवाही से बढ़ी मुसीबत अंबिकापुर से रामानुजगंज तक टू-लेन सड़क का निर्माण दो चरणों में चल रहा है। इसमें अंबिकापुर से पाढ़ी तक 49 किलोमीटर सड़क का निर्माण करीब 240 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। जबकि बलरामपुर से रामानुजगंज तक 30 किलोमीटर सड़क 111 करोड़ रुपए की लागत से बन रही है। अंबिकापुर से पाढ़ी तक सड़क बनाने वाली ठेका कंपनी ने काम छोटे ठेकेदारों में बांट दिया है। काम छोटे ठेकेदारों में बंटने के कारण निर्माण की रफ्तार धीमी है। इसके अलावा सड़क पर उड़ने वाली धूल से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। हालात ऐसे हैं कि अंबिकापुर से रामानुजगंज जाने वाली यात्री बसें अब राजपुर की जगह प्रतापपुर होते हुए सेमरसोत मार्ग से चल रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ठेका कंपनी कभी पानी का छिड़काव नहीं करती, जिससे समस्या और बढ़ गई है। निर्माण की धीमी गति के कारण लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नेशनल हाईवे के अधिकारी भी इस मामले में लापरवाह नजर आ रहे हैं।
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