![]()
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट तक घने जंगलों और नक्सलियों की चुनौती के बीच 1300 जवानों की सुरक्षा में 17 किमी रेल पटरी बिछाने का काम पूरा हो गया है। इसकी पुष्टि रविवार को रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने की है। प्रोटेक्शन और फिनिशिंग संबंधित कार्य को जून तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह काम पूरा होने के बाद जुलाई में कोलकाता से कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (एसआरएस) की टीम ताड़ोकी से रावघाट तक ट्रेन का ट्रायल और पटरी का निरीक्षण करने पहुंचेगी। परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट तक पटरी बिछाने की शुरुआत अक्टूबर 2023 से काम शुरू हुआ था, जो अप्रैल 2026 में पूरा हुआ। इस लिहाज से 6वें चरण में पटरी बिछाने में दो साल से ज्यादा समय लगा। इसकी मुख्य वजह घनघोर जंगल के बीच नक्सलियों का खौफ रहा। इसके अलावा रेल पटरी जहां बिछा, वहां से नारायणपुर-अंतागढ़ स्टेट हाइवे मार्ग की दूरी 6 से 7 किमी है। दूरी होने की वजह से घनघोर जंगल में निर्माण संबंधित मटेरियल, मशीनों को पहुंचाना चुनौतियां रहा। प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे रेल विकास निगम लिमिटेड के जेजीएम कन्हैया गोयल ने बताया कि घनघोर जंगल और नक्सलियों के भय और अन्य कारणों से पटरी बिछाने दो साल से ज्यादा समय लगा। एक बटालियन में 6 कंपनी के 600 से ज्यादा जवान तैनात आरवीएनएल के अनुसार पटरी बिछाने, पुल, पुलिया निर्माण संबंधित काम कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सशस्त्र सीमा बल के 2 बटालियन के जवानों को तैनात किया था। एसडीओपी देवांश सिंह राठौर ने बताया कि एक बटालियन में 5 से 6 कंपनी के 600 से ज्यादा तैनात रहते है। इसमें बड़े अधिकारी भी शामिल होते है। एक कंपनी में 100 से 120 जवान तैनात रहते है, जिनकी ड्र्यूटी सुरक्षा के लिहाज से विधानसभा, लोकसभा चुनाव और बड़ा निर्माण कार्य संबंधित प्रोजेक्ट में लगाई जाती है, ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न आए। वर्तमान में भी कई काम बाकी है, इसलिए जवान तैनात है। जुलाई में ट्रायल के दौरान ट्रेन की आवाज सुनाई देगी राज्य बनने के पहले कभी घने जंगल के बीच नक्सलियों का खौफ रहता था। वहां अब भविष्य में प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बंदूक के गोलियों की नहीं, बल्कि ट्रेन की आवाज सुनाई देगी। आरवीएनएल का दावा है कि ट्रायल के दौरान जुलाई में यह सुखद स्थिति बन सकती है। केंद्र सरकार की घोषणा और रेल मंत्रालय की प्लानिंग अनुसार परियोजना के तहत रेललाइन (पटरी) बिछाकर रावघाट से बीएसपी के लिए आयरन ओर की सप्लाई और ट्रेन का विस्तार करना प्रस्तावित है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) का दावा है कि 6वें चरण में 90% काम हो चुका है। काम पूरा होने के बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की टीम को ट्रायल और निरीक्षण करने पत्र भेजा जाएगा। गृह और रेल मंत्रालय से अनुमति के बाद ट्रेन चलेगी निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की टीम अपने स्तर पर जरूरी कार्यों को परखेंगे। रेल विकास निगम लिमिटेड और रेलवे विभाग के अफसरों से चर्चा करेंगे, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर बिलासपुर जोन, रेल मंत्रालय नई दिल्ली भेजी जाएगी। सब कुछ सही होने पर नई दिल्ली से ट्रेन के विस्तार के लिए निर्धारित तिथि तय की जाएगी। दूरी के हिसाब से किराया भी तय किया जाएगा। गृह और रेल मंत्रालय से अनुमति के बाद ट्रेन चलेगी। छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त घोषित किया जा चुका है। इस वजह से दावा किया जा रहा है कि अगस्त तक ट्रेन चल सकती है। पांच चरण में दल्ली से ताड़ोकी तक ट्रेन का विस्तार पहला चरण- दल्लीराजहरा से गुदुम तक पटरी बिछने के बाद एक फरवरी 2016 से ट्रेन का विस्तार 17 किमी हुआ।
दूसरा चरण- गुदुम से भानुप्रतापपुर पटरी बिछने के बाद 14 अप्रैल 2018 से भानुप्रतापपुर तक ट्रेन का विस्तार 17 किमी हुआ।
तीसरा चरण- भानुप्रतापुर से केवटी तक पटरी बिछने के बाद 30 मई 2019 को ट्रेन का विस्तार 8 किमी हुआ।
चौथा चरण- केवटी से अंतागढ़ तक पटरी बिछने के बाद 13 अगस्त 2022 को ट्रेन का विस्तार 17 किमी हुआ।
पांचवा चरण- अंतागढ़ से ताड़ोकी तक पटरी बिछने के बाद 3 अक्टूबर 2023 को ट्रेन का विस्तार 17 किमी हुआ।
<
