कवर्धा में बुधवार को एक नवजात की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजन और कांग्रेस कार्यकर्ता अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उनकी मांग है कि लापरवाही के जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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दरअसल, परिजनों का आरोप है कि बच्चे को समय पर इलाज और आवश्यक देखभाल नहीं मिली। उनका कहना है कि डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, जिसकी वजह से बच्चे की जान नहीं बच पाई।
उन्होंने दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई, अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, 9 दिसंबर को शिशु का जन्म हुआ था। जन्म के तुरंत बाद डॉक्टरों ने परिजनों को बच्चे के लिए अलग से पर्ची कटवाने को कहा। परिजनों के अनुसार, शिशु शुरू से ही अस्वस्थ थी, फिर भी उसे आईसीयू में नहीं रखा गया।
उनका आरोप है कि देखभाल में लापरवाही के कारण उसकी हालत और बिगड़ती गई, और 10 दिसंबर की सुबह नवजात की मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि शिशु की मौत मां का दूध पीने से हुई है।
वहीं, परिजनों का आरोप है कि यदि बच्चे की सही निगरानी और देखभाल की गई होती, तो आज उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने समय पर उचित उपचार नहीं दिया, जिससे नवजात की मौत हुई।
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