कांकेर शहर का खेल मैदान इन दिनों मवेशियों का ठिकाना बन गया है।
कांकेर शहर के शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का ऐतिहासिक खेल मैदान इन दिनों मवेशियों का ठिकाना बन गया है। कभी जहां युवा खिलाड़ी अलग-अलग खेलों का अभ्यास करते थे, वह मैदान अब गौठान में तब्दील हो गया है, जिससे खिलाड़ी और आम जनता दोनों परेशान है
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मैदान में हर दिन सैकड़ों की संख्या में मवेशी बैठते हैं, जिससे गोबर और गंदगी फैल रही है। खेल गतिविधियों के साथ-साथ सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मैदान में जमा गंदे नाले का पानी और दुर्गंध स्थिति को और भी बदतर बना रही है।

खेल मैदान में जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है।
सड़कों पर भी भटकते है मवेशी
खिलाड़ियों का कहना है कि शहर में यह एकमात्र बड़ा खेल मैदान था, जहां सभी प्रमुख खेल आयोजित होते थे। वर्तमान हालात में न तो खेलने के लिए उपयुक्त जगह बची है और न ही खेलने का माहौल। कई खेल आयोजन स्थगित हो चुके हैं, और खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए अन्य स्थानों की तलाश करनी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि गौठान के बंद होने के कारण मवेशी अब खेल मैदान के साथ-साथ सड़कों पर भी भटकते देखे जा रहे हैं। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि कई सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आई हैं। मैदान में बैठे मवेशी बच्चों और खिलाड़ियों के लिए भी खतरा बने हुए हैं।
स्थानीय जनता और खिलाड़ियों का आरोप है कि यह समस्या महीनों से बनी हुई है। इसके बावजूद नगर पालिका और जिला प्रशासन ने अब तक इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक इस समस्या को नजरअंदाज किया जाएगा।
जनता की मांग – पशु मालिकों पर हो कार्रवाई
स्थानीय लोगों की मांग है कि ऐसे पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जो अपने मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं। साथ ही, खेल मैदान की तत्काल सफाई कराकर उसे खिलाड़ियों और आम जनता के लिए पुनः उपयोगी बनाया जाए।
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