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दुर्ग जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित निकुम (पंजीयन नंबर 692) के प्राधिकृत अध्यक्ष और भाजपा नेता भैयालाल साहू के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के सदस्यों और ग्रामीणों ने एक बैठक में उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया है। किसानो
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किसानों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में धान स्टेक लगाने के लिए समिति ने 5 रुपए प्रति किलो की दर से भूसा खरीदा था, जिसे बाद में मात्र 2 रुपए प्रति किलो में बेचने की बात सामने आई। इस लेन-देन से समिति को लगभग 7 लाख रुपए का नुकसान होने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, चौकीदार का 22,500 रुपए का मानदेय निकाल लिया गया है, जिसका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। ग्राम भोथली के छह हमालों को भी धान खरीदी के समय का पारिश्रमिक नहीं मिला है।
खाद की उपलब्धता के बावजूद टालमटोल
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि समिति में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद अध्यक्ष और कर्मचारियों ने उन्हें टालमटोल किया। गोदाम में रखी 16 बोरी डीएपी खाद किसानों के विरोध के बाद ही वितरित की गई। इसी प्रकार, 3,464 कट्टे धान से जुड़ा विवाद भी लंबे समय से अनसुलझा है। इन सभी मामलों को लेकर सदस्यों ने अध्यक्ष साहू को पद से मुक्त करने की मांग की।
जिस बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया, उसमें अध्यक्ष भैयालाल साहू भी उपस्थित थे। हालांकि, उन्होंने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति देने से इनकार कर दिया।
भैयालाल का दावा, भ्रष्टाचार के आरोप निराधार
मामले में अपनी सफाई देते हुए भैयालाल साहू ने कहा कि समिति पूरी तरह “जीरो शॉर्टेज” में है और किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि भूसा हटाने का आदेश उन्हें उच्च अधिकारियों से मिला था, क्योंकि उस समय गांव में शिव महापुराण कथा का आयोजन होना था। साहू ने दावा किया कि 3,464 कट्टे धान के मामले की जांच अधिकारी पहले ही कर चुके हैं और सभी तथ्य सही पाए गए हैं।
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