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सीजन में पहली बार शहर का अधिकतम तापमान 9.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। तापमान के सामान्य से चार डिग्री से भी नीचे चले जाने के कारण लोग परेशान हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने जीपीएम, मुंगेली, जशपुर, सरगुजा के साथ ही बिलासपुर जिले में 13 दिसंबर तक शीतलहर की चेतावनी दी है।
नवंबर के बाद दिसंबर में भी बहुत ज्यादा ठंड पड़ रही है। लोगों ने नहीं सोचा था कि ठंड इस तरह पड़ेगी और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। गुरुवार को फिर ठंड ने लोगों को सुबह से ही परेशान किए रखा। दोपहर में तापमान 27.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, लेकिन इससे पहले सुबह के तीन–चार घंटे ठंड ने दिनचर्या को प्रभावित किए रखा। सुबह ठंड ज्यादा होने के कारण जहां लोग देर से सोकर उठे, वहीं उन्हें दफ्तर पहुंचने में भी देर हो गई। दोपहर बाद पारा तेजी से लुढ़कने लगा और अंधेरा घिरने के पहले फिर शहर में ठंड ने परेशान करना शुरू कर दिया। रात में ठंड और ज्यादा महसूस हुई।
न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ जो कि सामान्य से 4.2 डिग्री कम रहा। एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री दर्ज हुआ था जो कि सामान्य से 4 डिग्री कम था। अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री था। मौसम विभाग ने अगले दो दिन शीतलहर चलने की संभावना जताई है।
गुरुवार को 10:30 बजे मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 19 जिलों के लिए शीतलहर की चेतावनी जारी की। इसमें बताया कि प्रदेश के कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भर तपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़-छुईखदान गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, बालोद और कोरबा में एक-दो पॉकेट में शीतलहर चलने की संभावना है। यह चेतावनी 13 दिसंबर तक के लिए जारी की गई है। ठंड से जहां शहरी क्षेत्र के लोग परेशान हैं, वहीं, ग्रामीण इलाकों में ठंड और ज्यादा महसूस हो रही है। शहर में जगह–जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से खुद का बचाव करते नजर आ रहे हैं। पुराना बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के साथ ही सरकंडा के कुछ इलाकों में अलाव जलते हुए देखा जा सकता है। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी अलाव का सहारा लिया जा रहा है।
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