Uncategorized

जूनियर के हाथों में पहुंचा आबकारी विभाग:मुख्यालय में अटैच हैं सीनियर, फील्ड पर जूनियर… आखिर नकली शराब के खेल पर कौन रखे नजर?

आबकारी विभाग में आए दिन नकली शराब, होलोग्राम और दूसरे प्रदेशों से सप्लाई जैसे मामले सामने आ रहे हैं। इसके पीछे की वजह है कि आबकारी विभाग जूनियर के हाथों में चल गया है। मामला कुछ ऐसा है कि बड़े जिलों में उपायुक्त और छोटे जिलों में सहायक उपायुक्त की नियुक्ति करनी है। लेकिन विभाग के पास केवल एक उपायुक्त और एक सहायक आयुक्त ही बचे है। बाकी सभी सस्पेंड हैं। इस वजह से इनके पदों पर हाल ही में नियुक्ति पाए जिला आबकारी अधिकारियों को कमान सौंप दी गई है। अब इनके पास पुराना अनुभव न होने की वजह से माफियाओं की सूचना ही हाथ नहीं लग पा रही है। पुलिस जब मामले को पकड़ रही है तब आबकारी विभाग नींद से जाग रहा है। हाल ही में बिलासपुर-रायपुर में तो घोटाला छुपाने के लिए शराब की दुकान में आग तक लगा दी गई। जब भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि सस्पेंड 21 अफसर मुख्यालय में अटैच है। इन्हें सरकार 75 प्रतिशत वेतन दे रही है। इन अफसरों को कोई काम नहीं दिया गया है, ऐसे में ये मुख्यालय आते हैं, हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। एक महीने की 4 बड़ी घटनाएं खाली बोतल-होलोग्राम का जखीरा
आबकारी विभाग और पुलिस की फ्लाइंग स्क्वाड ने कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में छापेमारी की। यहां से 4,409 खाली बोतलें व पौवे, 3,380 नकली ढक्कन और 105 पत्ते स्टीकर-होलोग्राम बरामद किए गए। इस मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित और एक आबकारी उपनिरीक्षक को निलंबित किया गया है। अंतरराज्यीय सिंडिकेट का खुलासा महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। अगस्त में एक डस्टर कार से अवैध शराब पकड़े जाने की जांच में एक बड़े कंटेनर ट्रक की तलाशी ली गई। इसमें पुलिस ने 3,229 लीटर से अधिक अंग्रेजी शराब और नकली होलोग्राम, फर्जी छत्तीसगढ़ स्टेट लेबल जब्त किए। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घरेलू मिलावट केंद्र मिला सूरजपुर जिले के कुमदा बस्ती में आबकारी विभाग ने एक घर पर छापा मारकर ब्रांडेड शराब के नाम पर मिलावट के खेल को पकड़ा गया। मौके से 2,500 नकली ढक्कन, 200 नकली रैपर/लेबल और भारी मात्रा में खाली बोतलें मिलीं। आरोपी मैकडॉवल नंबर वन, रॉयल स्टैग और गोवा जैसे नामी ब्रांड्स के नकली रैपर का इस्तेमाल कर मिलावटी शराब पैक कर रहे थे। प्रिंटिंग यूनिट का भंडाफोड़: राजनांदगांव पुलिस ने एक डिजिटल नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो कंप्यूटर और प्रिंटिंग मशीनों के जरिए नकली लेबल और होलोग्राम तैयार कर रहा था। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 3,000 से अधिक नकली लेबल और 3,000 नकली होलोग्राम स्टीकर बरामद किए। जम्मू व्हिस्की जैसे ब्रांड्स का फर्जीवाड़ा चल रहा था। इस मामले में मुख्य प्रिंटिंग सेटअप चलाने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। विभाग में अफसरों की कमी 13 जिले भी जूनियर के हाथों में रायपुर जिला हमेशा उपायुक्त के हाथों में ही रहा है, लेकिन पहली बार ऐसा है सहायक आयुक्त प्रवीण वर्मा को प्रभार दिया गया है। वहीं दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर,रायगढ़, जांजगीर, कोरबा जिले का प्रमुख सहायक आयुक्त ही होना चाहिए लेकिन सभी इन जिलों में जिला आबकारी अधिकारी को जिम्मा सौंप रखा है। इसके अलावा बेमेतरा, कवर्धा, महासमुंद, सुकमा, जीपीएम, मनेंद्रगढ़ जिले में जिला आबकारी अधिकारी का पद है लेकिन इन जिलों को सहायक जिला आबकारी अधिकारी चला रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button