.
जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर झरनापारा में हुआ धान परिवहन ट्रक हादसा प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। जर्जर सड़क के कारण अनियंत्रित होकर खेत में पलटे ट्रक की सुध लेने कई घंटों तक कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, जिसका नतीजा यह हुआ कि रात के अंधेरे में असामाजिक तत्व और ग्रामीण कई बोरी धान पार कर ले गए।
हैरानी की बात यह है कि परिवहन में लगे ट्रक जीपीएस सिस्टम से लैस हैं, जिसकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग का दावा विभाग करता है। ट्रक पलटने के बाद सिस्टम में लोकेशन दिखने के बावजूद न तो धान की सुरक्षा के लिए कोई पहुंचा और न ही हादसे पर तत्काल एक्शन लिया गया।
हादसे के बाद ट्रक से भारी मात्रा में डीजल बह गया और सुरक्षा के अभाव में रात भर धान की बोरियां गायब होती रहीं। दूसरे दिन सुबह जब कर्मचारी पहुंचे, तब जाकर बचे हुए धान पर तिरपाल डालकर उसे सुरक्षित किया गया। यदि समय रहते अधिकारी जाग जाते, तो सरकारी संपत्ति के इस नुकसान को रोका जा सकता था। झरनापारा की सड़क लंबे समय से बदहाल है, जो आए दिन हादसों का सबब बन रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन प्रशासन मौन है। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण में देरी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है।
<
