भिलाई के खुर्सीपार इलाके में निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम के दौरान शनिवार को हादसा हो गया। काम कर रहे दो मजदूरों को करंट का झटका लगा, जिसके बाद वे करीब 20 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गए। हादसे में दोनों घायल हो गए। उन्हें पहले सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया,
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दो मंजिला बिल्डिंग की ढलाई के लिए बांधी जा रही थी सेंट्रिंग।
गनिमत रही कि दोनों मजदूर हाईटेंशन तार की चपेट में नहीं आए। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। घायलों की पहचान करंजा भिलाई निवासी युवराज निषाद और गुलशन निषाद के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से जानकारी ली। विभाग की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।

बताया जा रहा है कि मजदूर बिना सेफ्टी के उपर लोहा चढ़ाने का काम कर रहे थे।
बिना सेफ्टी काम कर रहे थे मजदूर खुर्सीपार में यह बिल्डिंग दो मंजिला बनाई जा रही है। बिल्डिंग परमिशन है या नहीं इसकी भी जांच करने की बात कही जा रही है। मजदूर दूसरे मंजिला की ढलाई के लिए लोहा चढ़ा रहे थे। इसी बीच हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य हाईटेंशन बिजली लाइन के बेहद पास कराया जा रहा था।
ठेकेदार ने मजदूरों को किसी भी तरह का सेफ्टी किट नहीं दिया था। हादसे में दोनों मजदूरों के हाथ और पैर में चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल इस मामले में अभी पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बिजली विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है। ठेकेदार बोला- दोनों ठीक है, कुछ नहीं हुआ है वहीं घटना के बारे में बात करने पर ठेकेदार का कहना है कि दोनों मजदूर हाईटेंशन तार की सीधी चपेट में नहीं आए थे। उन्हें केवल करंट का झटका लगा, जिसके बाद उनका संतुलन बिगड़ा और वे नीचे गिर गए। ठेकेदार के मुताबिक दोनों मजदूर होश में हैं, बातचीत कर रहे हैं और उनकी हालत ठीक है। ज्यादा कुछ नहीं हुआ है।
बिजली विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर घटना के कारणों का पता लगाया। वहीं इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाईटेंशन लाइन के इतने करीब निर्माण कार्य की अनुमति किस आधार पर दी गई। अगर अनुमति नहीं थी, तो बिना सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों से काम क्यों कराया जा रहा था। बिजली विभाग अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसके बाद हादसे की वजह साफ हो सकेगी।
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