जशपुर में पुलिस सहकारी बैंक की शुरुआत, 4 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण
जशपुर जिले में पुलिसकर्मियों को ऊंची ब्याज दर वाले डिजिटल और निजी ऋणों से राहत दिलाने के उद्देश्य से पुलिस सहकारी बैंक की शुरुआत की गई है। इस व्यवस्था के तहत अधिकारी और कर्मचारी अपनी नियमित अंशदान राशि जमा करेंगे और स्वास्थ्य, शिक्षा, विवाह और आवास जैसी जरूरतों के लिए मात्र चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर ऋण प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल पुलिसकर्मियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अभिनव माडल मानी जा रही है।
जशपुर पुलिस के आरक्षक व प्रधान आरक्षकों से 500 रुपये, एएसआइ, एसआइ और टीआइ रैंक के अधिकारियों से 1000 रुपये और राजपत्रित अधिकारियों से 2000 रुपये प्रति माह राशि जमा कराई जाएगी। छह माह के लाक पीरियड के बाद सातवें माह से कर्ज का वितरण शुरू किया जाएगा। कर्ज वितरण में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद शिक्षा, शादी-ब्याह और फिर घर व जमीन के लिए कर्ज दिया जाएगा।
लोन की वापसी 30 समान किश्तों में चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वसूली जाएगी। विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों व अधिकारियों को विभिन्न एप के माध्यम से मिलने वाले महंगी ब्याज दरों वाले कर्जों से बचाना है। एसएसपी डा. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जिले में लगभग साढ़े 9 सौ पुलिस कर्मचारी और अधिकारी हैं। इनमें से 816 ने पुलिस सहकारी बैंक की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
छह माह के लाक अवधि के बाद जब बैंक से लोन का वितरण शुरू होगा, उस दौरान पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के उन आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो अपने या अपने आश्रितों के उपचार के लिए लोन लेना चाहते हैं। एसएसपी सिंह ने बताया कि इसके बाद शिक्षा और घर या जमीन के लिए लोन को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसी व्यवस्था की जा रही है जिससे आधी रात को भी पड़ने वाली धन की जरूरत को पूरा किया जा सके।
अधिकृत अधिकारी के पास नकद राशि सुरक्षित रखी जाएगी। जरूरतमंद अधिकारी या पुलिसकर्मी से एक आवेदन मंगाकर आनलाइन रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी। हितग्राही से मिलने वाली ब्याज से बैंक के फंड में जमा राशि बढ़ती जाएगी। इससे विभाग भविष्य में अपने अधिक से अधिक जरूरतमंद अधिकारियों व कर्मचारियों की आर्थिक सहायता कर सकेगा।
पुलिस सहकारी बैंक के माध्यम से विभाग का लक्ष्य अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। जरूरत के समय इंटरनेट में एप के माध्यम से मिलने वाले ऋण लेने की प्रवृत्ति बढ़ने लगी है। इस तरह के लोन में सिर्फ केवाईसी कर कंपनी लोन उपलब्ध करा देती है। सरल प्रक्रिया होने से लोग इस तरह के लोन में लगने वाले ब्याज की दर पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। पुलिस विभाग का लक्ष्य इस तरह के लोन से अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को सुरक्षित रखना है।
पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को सस्ते ब्याज दर ऋण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस सहकारी बैंक को नए सिरे से चालू किया जा रहा है। इससे जरूरत के लिए पुलिसकर्मियों को सहजता से लोन मिल सकेगा। यह जानकारी एसएसपी डा. लाल उमेद सिंह ने दी।




