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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में लगभग 10 माह बाद जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित की गई। करीब 5 घंटे तक चली इस बैठक में अस्पताल से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति के पदाधिकारियों ने अस्पताल के प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना, रोगियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराना और बुनियादी ढांचे में सुधार लाना रहा। बैठक में समिति के सदस्यों ने अस्पताल में कई महत्वपूर्ण संसाधनों की कमी पर कार्रवाई की आवश्यकता जताई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें चिकित्सालय में जीडीसीसी कार्यरत 5 कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 30,000 प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। मरीजों की सेवा के लिए आउटसोर्सिंग के तहत वार्ड बॉय, सफाईकर्मी, और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था करने की अनुशंसा की गई और अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठेके पर सफाई कर्मियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी पारित हुआ। बैठक में जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अध्यक्ष उदय सिंह, रविशंकर शर्मा, अनिल जायसवाल, धीरेंद्र सोनी गोलू, सौरभ सिंह भोलू, वीरेंद्र सिंह, तवीता भगत उपस्थित रहे।
परिसर में बरसात के मौसम में पानी भरने की समस्या को दूर करने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार पर नाली निर्माण और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। पुराने भवन की छत से पानी रिसने की समस्या को दूर करने के लिए तत्काल मरम्मत कार्य करवाने पर सहमति बनी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए महत्वपूर्ण कक्षों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव रखा गया। इसमें पुराने व अनुपयोगी भवनों के पुनः उपयोग के लिए सुझाव दिए गए। इंदिरा कक्ष, आपातकालीन कक्ष और लेबर रूम के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव रखा गया। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर के सुरक्षित भंडारण के लिए नया कक्ष बनाने की अनुशंसा की गई। एम्बुलेंस और वाहन स्टैंड की व्यवस्था को व्यवस्थित करने और मरीजों और परिजनों की सुविधा के लिए पार्किंग क्षेत्र विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। समिति ने सभी प्रस्तावों को एकमत से पारित करते हुए जल्द ही अमल में लाने की बात कही, ताकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना को एक आदर्श अस्पताल के रूप में विकसित किया जा सके।
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