भास्कर न्यूज | बालोद जिले में मंगलवार को शाम 6 से रात 7.30 बजे के बीच औसत 6.8 मिमी बारिश हुई। बुधवार को भू-अभिलेख शाखा राजस्व विभाग से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले के 7 तहसील में 47.4 मिमी पानी गिरा। गुरूर में सबसे ज्यादा 9.7 मिमी, अर्जुंदा में 7.9 मिमी, डौंडी में 7.7 मिमी, बालोद में 7.3 मिमी, लोहारा में 6.9 मिमी, मार्रीबंगला देवरी में 6 मिमी और सबसे कम गुंडरदेही में 1.9 मिमी बारिश हुई। गुंडरदेही की तुलना में गुरूर तहसील में 5 गुना ज्यादा बारिश हुई। जबकि बालोद में 3 गुना ज्यादा बारिश हुई। मंगलवार के बाद बुधवार को भी शाम 6.20 बजे से देर रात तक अंधड़ तूफान का सिलसिला चलता रहा। बालोद शहर सहित कई स्थानों मंे गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, हल्की बारिश भी हुई। पश्चिमी विक्षोभ सहित अन्य मौसमी सिस्टम का प्रभाव जिले के अधिकांश हिस्सों मंे पड़ रहा है। इस वजह से मंगलवार को सभी तहसील के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बारिश हुई। बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम में बदलाव, बारिश होने से रात में लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। हालांकि इसके पहले दोपहर तक मौसम साफ रहने, बादल छाए रहने, धूप की वजह से गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा। कटाई, मिंजाई के बाद धान को सुरक्षित रखना चुनौती बेमौसम बारिश की वजह से किसान चिंतित है। दरअसल कटाई, मिंजाई के बाद धान को सुरक्षित रखना चुनौती है। स्थिति ऐसी है कि धान को सुरक्षित रखने उचित जगह नहीं मिलने की वजह से सुखाने के लिए मैदान व सोसायटियों का सहारा लेने की नौबत आ रही है। कृषि विभाग के अनुसार रबी सीजन में दलहन, तिलहन फसल की कटाई, मिंजाई हो चुकी है। वर्तमान में धान फसल की कटाई, मिंजाई बाकी है। कई किसान मिंजाई के बाद बेचने के पहले उचित स्थान की तलाश कर रहे हैं ताकि उपज सुरक्षित रहे।
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