धान के वजन, बारदाना में अंतर पाया गया, जिसके बाद प्रकरण दर्ज किया गया है
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में धान खरीदी में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिसमें शासन द्वारा निर्धारित मानक वजन से अधिक धान खरीदे जाने व बारदाना स्टाॅक में अंतर पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया है। इसके अलावा मोटा किस्म धान की खरीदी बताकर सरना धान खरीदा
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कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने पुसौर ब्लाॅक के बुनगा उपार्जन केन्द्र में मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान धान खरीदी नीति 2025-26 का उल्लंघन पाया गया।
जिला खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र बुनगा में शिकायत मिलने के बाद तहसीलदार पुसौर, नायब तहसीलदार पुसौर, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक एवं एपेक्स बैंक के पर्यवेक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन किया।
संयुक्त दल द्वारा एक दिन पहले खरीदी गई धान की बोरियों का वजन लिया गया। जिसमें औसतन 40 किलो 915 ग्राम पाया गया।
वहीं स्टैक में रखी बोरियों का वजन 40 किलो 820 ग्राम पाया गया, जो कि शासन द्वारा निर्धारित मानक वजन से अधिक है। इसके अतिरिक्त स्टॉक के भौतिक सत्यापन में 16 बोरा धान अतिरिक्त पाया गया।

शिकायत के बाद संयुक्त जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच किया
सरना धान की खरीदी की जा रही थी ऑनलाइन खरीदी पत्रक के अनुसार उपार्जन केंद्र में सरना धान 2205 क्विंटल होना चाहिए था। जबकि भौतिक सत्यापन में 2580 क्विंटल सरना धान पाया गया।
वहीं 1558 क्विंटल मोटा धान के बदले केवल 1188 क्विंटल पाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि उपार्जन केंद्र में मोटा किस्म धान की खरीदी दर्शाकर सरना धान की खरीदी की जा रही थी।
बारदाना स्टाॅक में मिला अंतर इसके साथ ही नए व पुराने बारदाना के उपयोग में भी गड़बड़ी पाई गई। खाली नए बारदाना के स्टॉक में भी अंतर पाया गया। उपार्जन केंद्र में काफी मात्रा में गड़बड़ी पाए जाने के कारण जांच दल ने उपार्जन केंद्र प्रबंधक डिलेश्वर प्रधान, ऑपरेटर अभिलाष गुप्ता व बारदाना प्रभारी श्याम सुंदर साव के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
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