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खनिज और बिजली के बाद अब छत्तीसगढ़ मेडिकल-वेलनेस टूरिज्म का नया हब बनेगा। ‘छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट’ कार्यक्रम में बुधवार को 3119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से 2466 करोड़ रुपए के प्रस्ताव 11 बड़े अस्पताल समूहों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में दिए
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इन परियोजनाओं से प्रदेश में 7000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। ओमाया गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के साथ कदमताल करके छत्तीसगढ़ विकसित भारत का हिस्सा बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल स्टील और पावर जैसे कोर सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा।
इज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़कर अब हम स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में निवेशकों के लिए वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। निवेशकों को अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दिल्ली इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि और स्वीकृति दी गई।
इसने 1100 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हमने कई राज्यों और विदेशों में निवेशक सम्मेलन किए। इससे लगभग साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं।
एआई और ऊर्जा क्षेत्र में भी कदम: मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क स्थापित हो रहा है, जो प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। एआई डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ को नई पहचान देगा। कोयला और खनिज संपदा के बल पर छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पर्यटन क्षेत्र में निवेश के प्रमुख प्रस्ताव: सीएम ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। होटल व पर्यटन सेक्टर से 652 करोड़ के प्रस्ताव आए हैं। रायपुर में वेस्टन होटल (212.7 करोड़), होटल जिंजर (78 करोड़), इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट (80 करोड़), अम्यूजोरामा एम्यूजमेंट पार्क (80.91 करोड़), एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट (63 करोड़)।
302 करोड़ के निवेश से बनेगा 600 बेड का ITSA हॉस्पिटल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर का मेडिकल हब बनाएगा। सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा कंपनियां संचालित होंगी। फोर सीजन्स हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, जो ITSA हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता है। इसमें 302 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसमें 600 बेड होंगे और 1400 लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
इसके अलावा मेडिकल क्षेत्र में निवेश के प्रमुख प्रस्तावों में रायपुर में मां पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड), गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड), मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (150 बेड), मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट (150 बेड) और वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस (50 बेड) शामिल हैं।
आरोग्यमृत वैलनेस एलएलपी, रायपुर में 300 करोड़ से इंटरनल वैलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की स्थापना करेगा।
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