आवासीय नक्शे पर बना लिया कमर्शियल बिल्डिंग।
बिलासपुर में नगर निगम की भवन शाखा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगा है। शहर के चर्चित जवाली नाले की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर चार मंजिला कमर्शियल निर्माण कर दिया गया है। इसके बाद भी निगम के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन ने इस
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नजूल की जमीन पर अवैध कब्जा कर किया निर्माण नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण करने वालों पर जिला प्रशासन ने करीब छह माह पहले सख्ती दिखाई। जवाली नाले के पास अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद निगम और राजस्व विभाग की टीम बनाई थी। इस दौरान नजूल की जमीन का सीमांकन कराया गया। जिसके बाद निगम ने अवैध कब्जाधारियों को नोटिस भी जारी किया था। इस कार्रवाई के दौरान जवाली पुल के पास नजूल की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण पर निगम ने बुलडोजर चलाने का दावा किया। इस दौरान अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। लेकिन, राजनीतिक दबाव में कार्रवाई रोक दी गई।

अवैध निर्माण पर नगर निगम के अफसरों की भूमिका पर उठे सवाल।
इन्होंने किया अवैध कब्जा, निगम का चला बुलडोजर इसमें पता चला कि यहां बिना अनुमति और नक्शा स्वीकृति के कई लोगों द्वारा निर्माण किया गया है। जिस पर निगम ने जांच के बाद प्रकाश आडवाणी के साथ ही गोपीचंद गंगवानी, मनीष नागवानी, विक्की थदानी, कमल फर्नीचर, विवेक और माधव कश्यप को भी नोटिस जारी किया था।
रसूखदार व्यापारी पर निगम अफसरों की मेहरबानी जवाली नाले के पास अवैध निर्माण में से एक प्रकाश आडवाणी का मामला भी सामने आया है। जवाली नाले के किनारे स्थित इस भवन के निर्माण में नक्शे के विपरीत निर्माण के साथ सरकारी जमीन पर भी कब्जा किया गया है। प्रकाश आडवाणी ने नगर निगम से आवासीय भवन का नक्शा पास कराया, लेकिन मौके पर लगभग निर्धारित से अधिक जगह में चार मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़ा कर दिया। इससे भी बड़ी बात यह है कि नाले की बाउंड्री से लेकर बिल्डिंग तक की करीब 3.9 मीटर जमीन और उससे आगे की 11 मीटर जमीन, जो कि नजूल की है, उसे भी कब्जे में ले लिया गया है। अवैध रूप से नाले की ओर एंट्री भी बना दी गई। नियमों के अनुसार इस स्थान पर सिर्फ दो मंजिला आवासीय भवन की ही अनुमति थी, लेकिन इसका उल्लंघन करते हुए चार मंजिला कमर्शियल निर्माण कर दिया गया। इस अवैध निर्माण में निगम अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहा है। निगम का कहना है कि भवन मालिक अब इसे आवासीय बना रहा है, लेकिन किसी कमर्शियल निर्माण को आवासीय कैसे किया जा सकता है। नियमानुसार इसका नियमितीकरण भी नहीं हो सकता।
नियमों को दरकिनार कर नाले तरफ खोल दी दुकानें अवैध निर्माण को तोड़ने से बचाने की कोशिश में भवन मालिक प्रकाश आडवाणी ने नाले की ओर चार दुकानें खोल दी है। इसके बाद भी निगम के अफसर इस अवैध निर्माण को आवासीय बता रहे हैं।
पांच निर्माण तोड़ा, केवल एक पर नहीं की कार्रवाई निगम और राजस्व विभाग की नापजोख में पता चला कि बिल्डिंग मालिक प्रकाश आडवाणी ने नाले की जमीन पर कब्जा कर लिया है और बिल्डिंग तान दी है, जो नियम के खिलाफ है। निगम ने यहां 5 लोगों के अवैध निर्माण को तोड़ा, लेकिन, केवल प्रकाश आडवाणी को छोड़ दिया गया है।
भवन अधिकारी बोले- जानकारी नहीं निगम के भवन अधिकारी अनुपम तिवारी का कहना है कि जवाली नाला के पास अवैध निर्माण बंद करा दिया गया है। मेरी जानकारी में मौके पर काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि भवन मालिक आवासीय निर्माण करा रहा है। अगर, अवैध निर्माण हो रहा है तो इसकी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
सभापति बोले- कार्रवाई में भेदभाव गलत नगर निगम के सभापति विनोद सोनी का कहना है कि नगर निगम की किसी कार्रवाई में भेदभाव करना गलत है। अगर गलत निर्माण है तो कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें भेदभाव बदार्श्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में आयुक्त से बात की जाएगी।
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