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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अंबिकापुर नगर निगम के पूर्व महापौर और पार्षदों के लंबित मानदेय को लेकर गाइड लाइन जारी करते हुए इस मामले के निपटारे का आदेश दिया है। 2019 से 2025 की अवधि तक के निगम कार्यकाल के निर्वाचित महापौर और पार्षदों का मानदेय जून 2023
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निगम के पूर्व महापौर डा. अजय तिर्की व कांग्रेस से जुड़े 21 पार्षदों ने मानदेय का भुगतान नहीं होने पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने 28 नवंबर को आदेश जारी किया था। याचिका की बहस के दौरान नगर पालिका निगम के अधिवक्ता ने यह तर्क दिया था कि पूर्व महापौर और पार्षदों ने उन महीनों के हिसाब नहीं दिया है, जिनका मानदेय नहीं दिया गया है।
तीन माह में करना होगा भुगतान सभी पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया कि सभी पिटीशनर, जिनमें पूर्व महापौर और पार्षद शामिल हैं, आदेश के 2 सप्ताह के अंदर नगर निगम अंबिकापुर के समक्ष मानदेय नहीं मिलने वाली अवधि का हिसाब देंगे। नगर निगम अंबिकापुर हिसाब मिलने के 3 माह के अंदर राज्य सरकार के नोटिफिकेशन दिनांक 12 मई 2022 के अनुसार मानदेय भुगतान का निबटारा करें।
हाईकोर्ट के आदेश पर याचिकाकर्ता पूर्व महापौर और पूर्व पार्षदों ने 11 दिसंबर को आयुक्त, नगर निगम अंबिकापुर को अपने बकाया मानदेय विवरण दे दिया है।
लगभग डेढ़ करोड़ का मानदेय है अटका निगम अम्बिकापुर के द्वारा निगम के पूर्व कार्यकाल ने जून 2023 से जनवरी 2025 तक पार्षदों और महापौर को मानदेय भुगतान नहीं किया गया है। इस अवधि के लिए निगम के 47 पार्षदों और महापौर का कुल 1.43 करोड़ का मानदेय बकाया है। उच्च न्यायालय के द्वारा जिन 22 याचिकाकर्ता पार्षदों और महापौर के लिए आदेश जारी किया है, उन्हें आगामी 3 माह में 67 लाख का भुगतान करना होगा।
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