छत्तीसगढ़ के धमतरी में माता-पिता से वंचित बच्चों को अब शिक्षकों का सहारा मिल रहा है। ‘गुरुछाया’ नामक संस्था ने इन बच्चों के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया है। हाल ही में, संस्था ने 57 ऐसे बच्चों को सम्मानित किया है और उनकी शिक्षा से लेकर रोजगार तक
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धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र के कुछ शिक्षकों ने मिलकर ‘गुरुछाया’ संस्था का गठन किया है। इसका विमोचन और शुभारंभ कार्यक्रम कुकरेल के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में आयोजित किया गया। इस अवसर पर, माता-पिता से वंचित लगभग 57 बच्चों को सम्मानित किया गया और उन्हें शिक्षा में उपयोगी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।


गुरुछाया संस्था ने अनाथ बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी उठाई
गुरुछाया संस्था के सदस्यों ने बताया कि माता-पिता को खोने के बाद कई बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उनकी संस्था ऐसे बच्चों को प्रेरित करने और शिक्षा से जोड़े रखने में पूरा सहयोग करेगी। इसके अतिरिक्त, जो बच्चे अपने हुनर को निखारना चाहते हैं, उन्हें कुशल बनाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बच्चों की रुचि के अनुसार उन्हें आगे बढ़ाने में भी सहायता की जाएगी।
इस पहल की सराहना की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने ‘गुरुछाया’ मंच को 85 हजार रुपये का सहयोग देने की घोषणा की।
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