Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Goddess’s palanquin and umbrella leave for Bastar Dussehra | बस्तर दशहरे में शामिल होने देवी की डोली-छत्र रवाना: पुलिस जवानों ने हर्ष फायर कर दी सलामी, कल जगदलपुर में होगी मावली परघाव की रस्म – Jagdalpur News
Breaking News

Goddess’s palanquin and umbrella leave for Bastar Dussehra | बस्तर दशहरे में शामिल होने देवी की डोली-छत्र रवाना: पुलिस जवानों ने हर्ष फायर कर दी सलामी, कल जगदलपुर में होगी मावली परघाव की रस्म – Jagdalpur News

By adminSeptember 30, 2025No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
1002961849 1759245722
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email


देवी का छत्र लेजाते पुजारी, सेवादार समेत अन्य लोग।

बस्तर दशहरा में शामिल होने आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और मां मावली का छत्र और डोली शुक्रवार को जगदलपुर के लिए रवाना हो गई है। डोली रवानगी के समय परंपरानुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पुलिस जवानों ने छत्र और डोली को हर्ष फायर कर सलामी दी। आज देर

.

तिथि के अनुसार आज अष्टमी है। वहीं कल नवमीं के दिन मावली परघाव की रस्म होगी। दंतेवाड़ा से डोली के रवानगी पर आंवराभाटा, कारली, हारम पारा, गीदम में बाबा मंदिर के सामने, शिरडी साईं समिति पंडाल, साहू समाज पंडाल में जबरदस्त स्वागत किया गया। डोली और छत्र के साथ मंदिर के पुजारी, सेवादार समेत जिला प्रशासन की टीम भी मौजूद है, जो जगदलपुर गई है।

कल होगी मावली परघाव की रस्म

आज देर रात माता की डोली और छत्र जगदलपुर पहुंचेगा। यहां गीदम रोड में स्थित जिया डेरा में रोका जाएगा। जिसके बाद कल शाम मावली परघाव की रस्म अदा की जाएगी। जिसमें बस्तर राज परिवार के सदस्य माता की डोली और छत्र का स्वागत करने पहुंचेंगे। जिस रास्ते से माता की डोली और छत्र को लाया जाएगा उस रास्ते में दोनों ओर पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे हैं, ताकि, भीड़ अंदर न आ सके।

माता की डोली।

माता की डोली।

ऐसे होता है देवी का स्वागत

राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव का कहना है कि सबसे पहले माता को सलामी दी जाएगी। फिर माता को विराजमान करवाया जाएगा। फिर जिया बाबा हमें खबर करेंगे कि डोली आ गई है और आपको वहां आना है। उसी दिन जोगी उठाई की भी रस्म होती है। बस्तर के सभी देवी-देवताओं (देव विग्रह) के साथ मैं वहां पहुंचता हूं।

माता का पूरे सम्मान पूर्वक स्वागत करता हूं। खुद डोली को उठाकर राज महल लेकर आता हूं। मावली परघाव की रस्म भी अदा की जाती है। जब डोली दोबारा उठाई जाती है तो उसी समय बस्तर दशहरा का समापन होता है। करीब 200 की संख्या में पुजारी, सेवादार समेत अन्य लोग दंतेवाड़ा से आते हैं।

पंचमी के दिन दिया जाता है निमंत्रण

मान्यताओं के अनुसार माता ने महाराजा को बोला था कि मैं न्योता पंचमी को ही लूंगी। इसलिए पंचमी का दिन विशेष होता है। इसी दिन विशेष पूजा-अर्चना भी की जाती है। राज परिवार के सदस्य माता के दरबार पहुंचते हैं। दर्शन कर पूजा अर्चना करते हैं और अपने साथ राजमहल चलने न्योता देते हैं। कमलचंद भंजदेव बताते हैं कि माता उनकी कुलदेवी हैं।

कुमकुम से लिखा जाता है निमंत्रण पत्र

पहले निमंत्रण चांदी के पत्रक में लिखा जाता था। लेकिन, अब जो पत्र भेंट करते हैं वो एक चमकीले कपड़े में लिखा होता है। कपड़ा बेहद पतला होता है। हालांकि, कपड़े में स्याही या अन्य किसी पेन कलम का इस्तेमाल नहीं किया जाता। बल्कि कुमकुम से लिखा जाता है।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बस स्टैंड के सामने ही सड़क किनारे डंप कर रहे हैं कचरा

April 19, 2026

युद्ध का असर:रायपुर में मेवे 30% महंगे, मोबाइल के दाम 5000 रुपए तक बढ़े, कार भी महंगी

April 19, 2026

Bilaspur Officer Table Almonds Video

April 19, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

067855
Views Today : 26
Views Last 7 days : 958
Views Last 30 days : 4044
Total views : 88791
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.