वन्यप्राणियों को मारने करंट तार बिछाए थे, सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के जंगल में वन्यप्राणियों को मारने के लिए करंट तार बिछाया गया था। जिसकी चपेट में आने से दो ग्रामीणांे की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए नाबालिग समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया है।
.
मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक ग्राम छोटे रेगड़ा में रहने वाला पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री 51 साल और संदीप एक्का 22 साल के लापता होने की रिपोर्ट शुक्रवार को चक्रधर नगर थाना में दर्ज कराई गई थी।
जिस पर गुम इंसान दर्ज किया गया। परिजनों ने बताया कि दोनों 9 दिसंबर को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। इसके बाद 13 दिसंबर को ग्राम संबलपुरी से बहने वाली नदी किनारे क्षेत्र में दोनों के शव देखा गया।
जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। ऐसे में एफएसएल टीम व पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर मर्ग पंचनामा कार्रवाई की गई और शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा दोनों की मृत्यु बिजली करंट से होना बताया गया।

घटना के बाद झाड़ियों में मृतकों का शव मिला था, जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई की
पूछताछ में हुआ खुलासा जिसके बाद पुलिस ने मृतक पुनीलाल यादव के पुत्र विजय यादव से पूछताछ किया। जिसमें इस बात का खुलासा हुआ कि 9 दिसंबर को पुनीलाल यादव, संदीप एक्का कुछ गांव के ग्रामीणों के साथ जंगली सुअर के शिकार के लिए निकले थे। सभी के द्वारा बिजली का करंट तार बिछाया गया था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई।
साक्ष्य मिटाने शव झाड़ियों में छिपाया विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शवों को झाड़ियों में छिपाने का प्रयास किया गया था।
इस आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 14 दिसंबर को धारा 105, 238(ख), 3(5) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
7 लोग शिकार पर गए थे इसके बाद पुलिस जांच आगे बढ़ाते हुए गांव के ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ किया। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री और संदीप एक्का ग्राम छोटे रेगड़ा निवासी जयकिशन एक्का 19 साल, रमेश उरांव 60 साल, राजू टोप्पो 19 साल, आकाश टोप्पो 18 साल तथा एक नाबालिग बालक के साथ शिकार पर गए थे।
शिकार फंसा या नहीं देखने के दौरान हुई घटना संदेह के आधार पर जयकिशन एक्का व आकाश टोप्पो को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें दोनों ने स्वीकार किया कि संबलपुरी नाला किनारे हाई टेंशन बिजली खंभे से अवैध हुकिंग कर बिजली का तार बिछाया गया था। शिकार फंसा है या नहीं देखने के दौरान पुनीलाल यादव और संदीप एक्का तार की चपेट में आ गए। जिससे उनकी मौत हो गई।
नाबालिग बालक का पैर भी करंट से जला जबकि साथ मौजूद नाबालिग बालक के पैर में भी करंट से जलने की चोट आई। डर के कारण शवों को झाड़ियों में छिपा दिया गया था। आकाश टोप्पो के बयान पर अवैध हुकिंग में प्रयुक्त तार को बरामद किया गया।
प्रकरण में एक से अधिक आरोपियों द्वारा बिजली चोरी कर अवैध हुकिंग किए जाने की पुष्टि होने पर धारा 3(5) BNS और धारा 135 विद्युत अधिनियम भी जोड़ी गई।
सभी आरोपी न्यायिक रिमांड में जेल दाखिल इसके बाद अन्य आरोपी रमेश उरांव, राजू टोप्पो तथा नाबालिग बालक को भी हिरासत में लिया गया। मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया है।
<
