कोंडागांव जिले में सुरक्षा बलों की लगातार दबिश और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभाव से एक आत्मसमर्पण हुआ है। पूर्वी बस्तर डिवीजन की टेलर टीम कमांडर रही महिला नक्सली गीता उर्फ कमली सलाम (40) ने आज वाय अक्षय कुमार के समक्ष सरेंडर किया। छत्तीसगढ़ श
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जानकारी के मुताबिक, गीता ग्राम मड़ानार रहने वाली हैं। आत्मसमर्पण के कारणों में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान, नक्सलियों के मारे जाने, संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद और शासन की विकासोन्मुखी नीतियां शामिल हैं। गीता ने बताया कि वह अब समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन जीना चाहती हैं।

दी गई 50 हजार प्रोत्साहन राशि
एसपी वाय अक्षय कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की नवीन आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत गीता सलाम को तत्काल 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा शासन की पुनर्वास नीति के तहत अन्य सुविधाएं देने की प्रक्रिया जारी है।
शासन की विकासोन्मुखी नीतियों जैसे सड़कों का विस्तार, बिजली, पानी, परिवहन और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा ने भी आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सुरक्षा बलों, ग्रामीणों के बीच बढ़ते सकारात्मक संवाद और सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रमों का भी इसमें योगदान रहा।
एसपी ने कहा कि मुख्यधारा में लौटना न केवल एक व्यक्ति का निर्णय है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में उठाया गया मजबूत कदम है। आत्मसमर्पण के दौरान एडिशनल एसपी रूपेश कुमार डांडे और डीएसपी सतीष भार्गव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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