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धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला जीपीएम के आह्वान पर किसानों ने मरवाही के सिवनी मोड़ पर एक दिवसीय चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठ गए, जिससे लंबे समय तक यातायात बाधित रहा।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष रामनारायण राय ने बताया कि जिले के किसान लंबे समय से धान खरीदी, टोकन व्यवस्था और भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसान आंदोलन के लिए मजबूर हुए। किसानों ने कहा कि समितियों की धान खरीदी लिमिट आधी किए जाने से टोकन न कट पाने की समस्या, तुहर टोकन एप में आ रही दिक्कतों को देखते हुए ऑनलाइन टोकन 30% और ऑफलाइन 70% करने की मांग, समितियों द्वारा शासन के आदेश के विरुद्ध 40.700 के बजाय 40.800 व 40.900 तक तौल की शिकायत, बोरा तौल के नाम पर हमालों द्वारा अवैध वसूली, एग्रीस्टेक में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होना, वारिसान पंजीयन अब तक शुरू न होना और बैंकों से धान भुगतान निकासी सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने की मांग की है। इस आंदोलन में जिला मंत्री सीताराम केंवट, जिला कोषाध्यक्ष गोविंद गुप्ता, तहसील अध्यक्ष चूड़ामन केंवट, सुशील चंद, सावन राय, माखन रजक, सुखदेव सिंह, अजय जायसवाल, शेरसिंह, संदीप राय, अमित तिवारी उपस्थित रहे।
उग्र आंदोलन की चेतावनी आंदोलन की सूचना पर एसडीएम, जिला खाद्य अधिकारी एवं बैंक अधिकारी सुबह से ही आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों को सोमवार तक सभी मांगों पर समाधान और व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा है और अब निर्णय सरकार व प्रशासन के हाथ में है।
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