Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » Even after one-third of the session, the tender process is still entangled. | एक तिहाई सत्र गुजरने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया उलझी: 3 साल में 120 करोड़ की किताबें स्कूलों में डंप, अब फिर 40 करोड़ रुपए की खरीदकर बांटेंगे – Raipur News
Breaking News

Even after one-third of the session, the tender process is still entangled. | एक तिहाई सत्र गुजरने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया उलझी: 3 साल में 120 करोड़ की किताबें स्कूलों में डंप, अब फिर 40 करोड़ रुपए की खरीदकर बांटेंगे – Raipur News

By adminOctober 3, 2025No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
orig 2 1 1759433815
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



orig 2 1 1759433815

राज्य के ज्यादातर स्कूलों में डंप पड़ी 120 करोड़ से ज्यादा की किताबों को पढ़ाने का न सिस्टम बनाया न टाइम टेबल में जगह दी। शिक्षा विभाग ने न ही कोई निर्देश जारी किया। इसके बावजूद अब फिर इस साल 40 करोड़ से ज्यादा की किताबें खरीदकर बांटने की तैयारी है।

.

ये सिस्टम भी अजीब है कि शिक्षा का एक तिहाई सत्र गुजरने के बाद समग्र शिक्षा विभाग टेंडर की प्रक्रिया में उलझा है। टेंडर होने से लेकर एक-एक स्कूल तक किताबें पहुंचने में तीन महीने का समय लगेगा। उस समय तक स्कूलों में परीक्षा की तैयारियां शुरू हो जाएंगी।

ऐसे में पिछले तीन सत्रों की किताबों की तरह ये किताबें भी स्कूलों में डंप पड़ी रहेंगे और करोड़ों खर्च करने का औचित्य ही नहीं रहेगा। हालांकि ये किताबें लाइब्रेरी के लिए बांटी जाती हैं और उनका कोर्स से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं रहता है।

लेकिन इन किताबों को बांटने का मकसद ही यही है कि बच्चे अपने कोर्स को इनके माध्यम से आसानी से समझें। ये किताबें सपोर्टिंग पाठ्यक्रम के तौर पर बांटी जाती हैं। भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि सपोर्टिंग पाठ्यक्रम की इन किताबों को हर साल शिक्षा के तीसरे-चौथे सत्र में ही स्कूलों में पहुंचाया जाता है।

उस समय तक परीक्षाएं करीब आ चुकी होती हैं, तब तक शिक्षक और छात्र परीक्षा की तैयारियों में जुट जाते हैं। इस वजह से ये किताबें कार्टून में ही पैक रह जाती हैं। जुलाई में जब नया सत्र शुरू होता है तब ज्यादातर शिक्षक और स्कूल का स्टाफ एक से डेढ़ माह प्रवेश प्रक्रिया में उलझा रहता है। इस वजह से प्रमुख विषय के अलावा इन सपोर्टिंग पाठ्यक्रम की ओर ध्यान नहीं दिया जाता और किताबें डंप पड़ी रह जाती है।

न डिमांड पूछी जाती है न लाइब्रेरी देखी जाती है किताबों का वितरण समग्र शिक्षा विभाग की ओर से लाइब्रेरी के नाम पर किया जाता है। पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक किताबें बांटने से पहले विशेषज्ञों की राय ली जाती है। विशेषज्ञ ही ये तय करते हैं कि कौन सी कक्षा में किस तरह का पाठ्यक्रम बच्चों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक होगा।

लेकिन किताबें बांटने के पहले स्कूलों से ना तो पूछा जाता है और न ही सर्वे किया जाता है कि उन्हें किताबों की जरूरत है या नहीं? पिछले साल की किताबों का उपयोग हुआ या नहीं? ज्यादातर प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में तो लाइब्रेरी ही नहीं होती है। हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल में लाइब्रेरी जरूर होती है लेकिन किताबें डंप पड़ी रहती हैं। किताबें स्कूलों में पढ़ाई जाएं, ये तय करना शिक्षा विभाग का काम

डंप पड़ी रहती है किताबें, पर नहीं जागा शिक्षा विभाग

स्कूलों में हर साल बांटी जाने वाली किताबें डंप हाे रही हैं। भास्कर ने राज्य के अलग-अलग जिलों के स्कूलों डंप पड़ी किताबों का खुलासा ग्राउंड रिपोर्ट के जरिये किया था, उसके बाद भी शिक्षा विभाग नहीं जागा। केवल रायपुर में जिला स्तर पर एक वाट्सअप मैसेज भेजकर संस्था प्रमुखों को मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। न तो लाइब्रेरी में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया न बैग लेस डे पर इन किताबों से खेल खेल में पढ़ाने का सिस्टम बनाया गया।

समग्र शिक्षा विभाग नियमानुसार काम कर रहा है। हमारा काम बेस्ट से बेस्ट किताबें छापकर स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंचाना है ताकि बच्चों को उसका फायदा मिले। अब अगर स्कूलों में किताबें पढ़ाई नहीं जा रही हैं तो ये चेक करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। हम अपना काम कर रहे हैं। संजीव झा, एमडी समग्र शिक्षा



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बिल्हा-बलौदाबाजार रोड पर बरसाईं ईंटें, एक ट्रक मकान में घुसा, तीन के टूटे शीशे, कई घायल

April 21, 2026

छत्तीसगढ़ में पांच दिनों तक लू चलने की चेतावनी, कुछ जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका

April 21, 2026

डोंगरगांव के छत्तीसगढ़ फार्म में लगी आग:फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

April 21, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13766/133
samvad add RO. Nu. 13766/133
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

068253
Views Today : 2
Views Last 7 days : 1042
Views Last 30 days : 4084
Total views : 89213
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.