प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जरूरी दवाएं नहीं हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। जिला अस्पतालों में दवाएं उपलब्धता सुनिश्चित करने में छत्तीसगढ़ देश में 20वें स्थान पर है। कायदे से सभी जिला अस्पतालों में 265 जीवनरक्षक द
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सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार 17 जिला अस्पतालों में 150 से कम दवाएं हैं। 8 नवंबर 2025 को संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने सभी सीएमएचओ को जिला स्तर पर नियमित समीक्षा कर अस्पताल के मानक अनुसार दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस पत्र में बताया गया कि अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता निरंतर गिर रही है, जो चिंताजनक है।

संचालक ने कहा– निरंतर स्टॉक कम हो रहा, सितंबर में चिंताजनक स्थिति, जिला स्तर पर समीक्षा कर सुधार करें
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार से प्रकाशित डीवीडी-एमआईएस सेंट्रल डैश बोर्ड के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य की रैंकिंग सितंबर माह में 18वें स्थान पर था। इस प्रकार रैंकिंग में निरंतर गिरावट चिंताजनक है। इसके सुधार के लिए जिला स्तर पर नियमित समीक्षा एवं निम्नानुसार कार्यवाही आवश्यक है। अत: राज्य की रैंकिंग सुधार के लिए निर्देशों का पालन किया जाए।
सितंबर में सक्ती में एक भी नहीं, सरगुजा में सिर्फ दो दवा
सक्ति प्रदेश का नया जिला बना है। यहां जिला अस्पताल भी नया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2025 में यहां एक भी दवा नहीं थी। सरगुजा के जिला अस्पताल में सिर्फ दो दवाएं थीं। सरगुजा के लोग इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जाते हैं, इसलिए दवा नहीं होने से हंगामा नहीं हुआ। ऐसा ही हाल सक्ति जिला अस्पताल का रहा।
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