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बिलासपुर के दीपका कोल माइंस से भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्रा.लि. लोखंडी को सप्लाई किया गया एफ/जी ग्रेड का कोयला रास्ते में घटिया कोयले में बदल गया। जब कोयले की लैब जांच कराई गई तो उसमें मिलावट की पुष्टि हुई। इसके बाद कंपनी के आरके पांडेय ने सकरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में ट्रेलर चालक और सुपरवाइजर सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, 9 जून को दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडी के लिए भेजा गया था। लेकिन 10 जून की सुबह करीब 6 से 7 बजे जब कोयला प्लांट पहुंचा, तो जांच के दौरान उसमें मिलावट होने की बात सामने आई। इसके बाद कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान कोयला लेकर आए ट्रेलर क्रमांक CG10BQ8285 के ड्राइवर उज्जैन अंसारी, CG12BL6247 के ड्राइवर आशिक हुसैन और CG12BL6251 के ड्राइवर फजल अंसारी से सख्ती से पूछताछ की गई। पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद ट्रेलर चालकों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालक और प्लांट के सुपरवाइजर की मिलीभगत से कोयले की चोरी और उसमें मिलावट की गई थी। मामले की जांच के दौरान सकरी पुलिस ने एसीसीयू और माइनिंग विभाग की टीम की मदद से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में आशिक हुसैन अंसारी (23), फैजान रजा (23) और फुजैल अंसारी (28) शामिल हैं, जो झारखंड के गढ़वा जिले के रहने वाले हैं। इसके अलावा गौरव राजपूत (28) और सीबू खान (29) बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि दिलीप कुमार यादव (36) भिलाई सेक्टर-6 का रहने वाला है। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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