गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मौसम ने करवट ली है। क्षेत्र में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही आज (16 अक्टूबर) सुबह से घना कोहरा छाया रहा। इससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
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घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। खराब दृश्यता के चलते स्कूली बच्चों और कार्यालय जाने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के मुताबिक, जिले का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड बढ़ने से पिछले कई दिनों से हो रही उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली है।

घना कोहरा
24 घंटे के भीतर मानसून की वापसी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ से अगले 24 घंटे के भीतर मानसून की पूरी तरह वापसी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है इसके लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। आज से पूरे प्रदेश में वर्षा में कमी आने लगेगी और ज्यादातर स्थानों पर मौसम ड्राई रहेगा।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा 50 मिमी बीजापुर के कुटरू में रिकॉर्ड की गई है। बाकी जिलों में मामूली बूंदाबांदी या सूखा मौसम रहा।

मध्य हिस्सों से पूरी तरह से लौटा मानसून
मौसम विभाग ने आज के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। यानी राज्य के किसी भी हिस्से में मौसम के बिगड़ने की संभावना कम है। राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों से मानसून पूरी तरह लौट चुका है, जबकि दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अभी भी हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
तापमान की बात करें तो राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने लोगों को गर्म कपड़े और रजाई निकालने पर मजबूर कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने वाहन चालकों से खराब दृश्यता को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
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