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कुरूद कैलाश नगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मौके पर दो एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पाई गई है, जिसे भू-माफिया अतिक्रमण के बाद प्लाटिंग कर बेचने की तैयारी में थे। पोल गड़ाकर घेरा कर चुके हैं। जब लोगों ने इसका विरोध किया तो सीसीटीवी कैमरा भी लगा दिया है।
वार्ड पार्षद नेहा साहू नागरिकोंे के साथ दो दिन से धरने पर बैठी हैं। आरआई और पटवारी तीन बार सीमांकन करने पहुंचे, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। बुधवार को जब वे फिर से सीमांकन करने पहुंचे तो क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों ने जांच अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। कहा कि वे 50 साल पुराना सरकारी नक्शा और रिकार्ड लेकर आएं और उसके अनुसार सीमांकन करें। तब आरआई और पटवारियों ने कहा कि उनके पास पुराना नक्शा नहीं है। निकलवाने जाएंगे तो समय लगेगा। इसी बात को लेकर दो घंटे तक विवाद चलता रहा।
सीमांकन के दौरान क्षेत्र के बहुत सारे जमीन दलाल भी पहुंचे थे, जिन्हें देखकर नागरिकों का आक्रोश और भड़क उठा और उन्होंने मांग की कि पुलिस इन्हे भगाए और पूरी इमानदारी से जमीन का सीमांकन किया जाए। जांच दल ने जांच शुरू की। मौके पर पता चला कि अवैध कारोबारियों ने प्रशासन की ढाई एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है। आने वाले दिनों में वे उसे बेचने की तैयारी में भी थे। जानकारी के अनुसार कुरूद में जिस सरकारी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। वहां पर दो साल पहले से सामुदायिक भवन बनाना प्रस्तावित है। जब इस जमीन पर कब्जा हुआ तो पार्षद ने कई बार शिकायत की पर कोई पहल नहीं हुई। तो वह धरने पर बैठ गईं। वार्डवासियों ने भी उनका समर्थन किया। विरोध तेज हुआ तो तहसीलदार ने जांच कमेटी बनाई और जांच हुई तो मौके पर दो एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन निकला।
जांच अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सीमांकन करके प्रदर्शनकारियों को जानकारी दे दी है। कहां से कहां तक निजी और कहां पर सरकारी जमीन है, इसके बारे में भी बताया है। अभी रिपोर्ट नहीं बना पाए हैं। जल्द ही रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को सौंपेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई उच्च अधिकारी करेंगे। फिलहाल उन्हें सीमांकन कर रिपोर्ट बनाने का आदेश था।
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