छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां जवारा विसर्जन के दौरान ‘माई डांग’ नामक व्यक्ति कुएं में छलांग लगाता है। बाद में उसे अन्य डांगों की मदद से बाहर निकाला जाता है। इस अनूठी प्रथा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उम
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नवरात्रि महोत्सव के बाद गांव में दिनभर उत्सव का माहौल रहता है। शीतला मां की जंवारा विसर्जन यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होते हैं। यात्रा जब गांव की पुरानी बस्ती में पहुंचती है, तो डांग-डोली और मड़ई लेकर झूमते श्रद्धालुओं की भक्ति देखते ही बनती है। इसी दौरान मुख्य डांग लेकर झूम रहा एक श्रद्धालु सीधे गांव के कुएं में कूद जाता है।

कुआं 30 फीट गहरा
ग्रामीणों के अनुसार, यह कुआं करीब 30 फीट गहरा है। इसके बाद ग्रामीण शीतला माता की जयकार लगाते हैं और जंवारा विसर्जन संपन्न होता है। गांव के सरपंच ने बताया कि भटगांव में हर तीसरे साल मां शीतला मंदिर में जंवारा बोया जाता है और नवरात्रि के समापन पर विसर्जन के दौरान गांव का सारा कामकाज बंद रहता है।
यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। घरों की छतों पर चढ़कर भी लोग डांग-डोली और मड़ई के दर्शन करते हैं। पारंपरिक जस गीत गाते हुए श्रद्धालु इस अनोखी प्रथा का हिस्सा बनते हैं।


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