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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पिपरिया में प्रशासन की सख्त चेतावनी और समझाइश के बावजूद एक नाबालिग लड़के का बाल विवाह करा दिया गया। मामले में एकीकृत बाल विकास परियोजना मरवाही की पर्यवेक्षक प्रोमिला मरावी की शिकायत पर गौरेला थाने में दूल्हे और उसके पिता के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत मामला दर्ज किया गया है। चाइल्ड लाइन की सूचना पर पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार 22 मई को चाइल्ड लाइन 1098 के माध्यम से नाबालिग के विवाह की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलने पर जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ग्राम पिपरिया पहुंची। जांच के दौरान टीम ने बालक के दस्तावेजों का सत्यापन किया। टीम ने बालक के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी उम्र 19 साल 11 माह 03 दिन पाई गई, जो विवाह की कानूनी उम्र से कम थी। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों और दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी देते हुए विवाह नहीं करने की सख्त हिदायत दी। घोषणा पत्र भरवाया, फिर भी रचाई शादी संयुक्त टीम ने बालक के परिजनों से लिखित घोषणा पत्र भी भरवाया था, जिसमें विवाह नहीं कराने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद 23 मई को बालक धनेश्वर सिंह मरावी का सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न करा दिया गया। जब विभागीय टीम ने 26 मई को मामले का फॉलोअप किया, तब बाल विवाह होने की जानकारी सामने आई। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के सामने हुई पुष्टि जांच के दौरान ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, सचिव, कोटवार और स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में बालक के पिता भारत सिंह ने विवाह कराए जाने की पुष्टि की। इसके बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की। दस्तावेजों के साथ दर्ज कराई शिकायत पर्यवेक्षक प्रोमिला मरावी ने पंचनामा, कथन, घोषणा पत्र, विवाह निमंत्रण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेजों सहित आवश्यक साक्ष्य संलग्न कर गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10 और 11 के तहत दूल्हे तथा उसके पिता के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन सख्त प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
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