छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिण बस्तर स्थित घोर नक्सल प्रभावित कमलापुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने एक नया ऑपरेशनल बेस कैंप स्थापित किया है। 13 दिसंबर को सीआरपीएफ की 229 बटालियन ने यह कैंप छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमावर्ती क्षेत्र में चौकसी
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कमलापुर, मरुडबाका, तुमरेल, पावरगुड़ा और रेखापल्ली जैसे इलाके दशकों से नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं। इस संवेदनशील क्षेत्र में कैंप की स्थापना नक्सल उन्मूलन और शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ग्रामीणों को कैंप के लाभों की दी जानकारी
इस कैंप का उद्घाटन सीआरपीएफ आईजी रेंज बीजापुर ने किया। उन्होंने कहा कि इस कैंप का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, पुलिस की उपस्थिति बढ़ाना और किसी भी चुनौती पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इससे नक्सलवाद से पीड़ित स्थानीय जनता को राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी आएगी।
उद्घाटन के बाद, आईजी बीजापुर ने कमलापुर गांव का दौरा किया। एसडीओपी आवापल्ली ने एक चलित थाना आयोजित कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को कैंप के लाभों के बारे में बताया और क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा विकास का आश्वासन दिया।
उच्च प्रशिक्षित जवानों की तैनाती
229 बटालियन के चिकित्सा दल ने एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया, जिसमें ग्रामीणों की जांच की गई और दवाइयां वितरित की गईं। ग्रामीणों को बताया गया कि वे चिकित्सा सहायता के लिए कैंप से संपर्क कर सकते हैं।
सुरक्षा के लिए कैंप में तीन-स्तरीय व्यवस्था की गई है, जिसमें सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी शामिल है। यहां तैनात जवान उच्च प्रशिक्षित हैं।

कई क्षेत्रों में कैंप खुलने से नक्सली प्रभाव हुआ कम
बता दें कि 229वीं बटालियन ने पहले भी सिलगेर, पूर्तकेल और गुड़पेटा जैसे क्षेत्रों में नक्सल प्रभाव को कम करने में सफलता हासिल की है। कमलापुर कैंप से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की एक नई शुरुआत की उम्मीद की जा रही है।
इस अवसर पर 229 बटालियन कमांडेंट ब्रजेश कुमार सिंह, 206 कोबरा बटालियन कमांडेंट पुष्पेंद्र सिंह, 210 कोबरा बटालियन कमांडेंट अशोक और 153 बटालियन कमांडेंट अमित कुमार सहित कई सीनियर अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में 229 बटालियन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी मुख्तियार सिंह और एसडीओपी आवापल्ली तिलेश्वर कुमार यादव भी मौजूद रहे।
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