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छत्तीसगढ़ में बिजली बिल के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार एक तरफ महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए दे रही है। दूसरी तरफ उन्हीं परिवारों से बिजली बिल के नाम पर तीन गुना
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कांग्रेस ने इसे आम जनता के साथ धोखा बताते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। आने वाले दिनों में हर जिले में कांग्रेस प्रदर्शन करेगी और बिजली विभाग का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस मुद्दे को आने वाले समय में हम एक अभियान की तरह चलाएंगे।
ये सरकार 1000 रुपए महतारी वंदन के नाम से पैसा देकर, उसी घर से 1000 के बदले 3000 बिजली बिल के तौर पर वापस ले रही है। महतारी वंदन के नाम से बिजली बिल को बढ़ाकर छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटना चाह रही है। इसलिए आम लोग भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सरकार की विफलता है।
रायपुर-गरियाबंद सहित कई जिलों में हो चुका है प्रदर्शन
बिजली दरों और बिल में राहत खत्म होने के विरोध में कांग्रेस रायपुर, गरियाबंद, जांजगीर और धमधा, कांकेर समेत कई जिलों में कांग्रेस नेताओं ने बिजली कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए थे। इन प्रदर्शनों में बिजली चोर, गद्दी छोड़ जैसे नारे लगे और कई जगह बिजली दफ्तरों में तालाबंदी भी की गई थी। जिसे रोकने के लिए पुलिस को दखल देना पड़ा था।
क्यों हो रहा है बिजली बिल को लेकर विरोध ?
कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई बिजली बिल हाफ योजना में अब भाजपा सरकार ने बड़ा बदलाव कर दिया है। पहले 400 यूनिट तक खपत पर उपभोक्ताओं को आधा बिल मिलता था, अब यह सीमा घटाकर सिर्फ 100 यूनिट कर दी गई है।
नया नियम यह कहता है कि यदि खपत 100 यूनिट से एक भी यूनिट ज्यादा हुई, तो उपभोक्ता योजना के फायदे से पूरी तरह वंचित हो जाएगा। इस फैसले का असर सीधे आम जनता पर पड़ा है। सिर्फ रायपुर में ही 3.5 लाख से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिजली का बिल अब दोगुना आ रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट रही है।
क्या है महतारी वंदन योजना ?
महतारी वंदन योजना भाजपा सरकार की प्रमुख योजना है, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए सीधे खाते में भेजे जा रहे हैं। यह योजना 10 मार्च 2024 को शुरू हुई थी।
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