सोनहत में शुक्रवार सुबह दिखे पाले
उत्तर भारत की ओर से आ रही सर्द हवाओं के कारण सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के करीब ही रहा।
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सरगुजा में दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में शीतलहरों के कारण पाट से लेकर मैदानी इलाकों तक कड़ाके की ठंड पड़ रही है। संभाग के सोनहत और सामरीपाट में शुक्रवार को भी पाले पड़े। मैदानी इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री दर्ज किया गया है।

कड़ाके की ठंड के बीच मैनपाट की सुहानी सुबह
ठंड से मौत, कंबल लेकर पुलिसकर्मी करेंगे पेट्रोलिंग
सरगुजा में 9 दिसंबर की रात खुले में सोए एक व्यक्ति की ठंड लगने से मौत हो गई थी। उक्त व्यक्ति पुराने बस स्टैंड में कम कपड़ों में सो गया था। दूसरे दिन उसका शरीर अकड़ा हुआ मिला। पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों ने उसके हाइपोथर्मिया की चपेट में आने की आशंका जताई है।
ठंड से मौत के बाद सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को आदेश जारी किया है कि नाइट पेट्रोलिंग पार्टियां अपने साथ 10-10 कंबल लेकर निकलेंगी। ये कंबल कम कपड़ों में या खुले में सोये लोगों को दी जाएंगी। इसका खर्च सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल स्वयं वहन करेंगे।
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री
शुक्रवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री दर्ज किया गया है। इसके पूर्व गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री दर्ज किया गया था। संभाग के पाट इलाकों में मैनपाट, सामरीपाट और सोनहत क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री रहा। पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया शीतलहरों का अलर्ट
उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने शीतलहरों का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक उत्तरी शीतलहरों के कारण सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। शीतलहरों का असर मध्य छत्तीसगढ़ तक पहुंच सकता है।
मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट ने कहा कि शीतलहरों का असर आगामी दिनों में भी दिखेगा। सरगुजा में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री के बीच बने रहने के आसार हैं।
अलाव का सहारा, सड़कों में सन्नाटा
कड़ाके की ठंड को देखते हुए शहर के सार्वजनिक स्थानों पर नगर निगम द्वारा अलाव की व्यवस्था की गई है। इसके कारण शाम ढलते ही सड़कें सूनी होने लगी हैं। कड़ाके की ठंड को देखते हुए डॉक्टरों ने ठंड से बचने की सलाह दी है।
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