दुर्ग-भिलाई21 मिनट पहले
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 5 साल की बच्ची से रेप और हत्या के प्रयास के मामले में सियासत गरमा गई है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता और दुर्ग शहर से विधायक रहे अरुण वोरा ने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि हर दिन बच्चों के खिलाफ अपराध की खबर सुनने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के निशाने पर सीधे मासूम बच्चे हैं। सबसे चिंताजनक, दुखद पहलू यह है कि ज्यादातर मामलों में आरोपी कोई परिचित, पड़ोसी या घर-परिवार से जुड़ा व्यक्ति ही होता है, जिससे समाज में भरोसा लगातार टूट रहा है।
वोरा ने कहा कि प्रदेश में POCSO मामलों में लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है। कड़े कानून के बावजूद अपराधियों में कोई भय नहीं है। मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि प्रदेश में कानून का राज कमजोर पड़ चुका है, अपराधी बेखौफ हैं।
दोषियों को त्वरित, कड़ी सजा मिले
अरुण वोरा ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल दोषियों को त्वरित, कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए, ताकि अपराधियों में कानून का भय स्थापित हो, भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
आत्महत्या के मामलों में वृद्धि
उन्होंने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल के समय में बच्चों के बीच आत्महत्या के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है, जहां छोटी-छोटी बातों पर बच्चे अपनी जान दे रहे हैं। स्कूलों में काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था अनिवार्य हो।
अभिभावक बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखें। ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा सुनिश्चित हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके, समाज में एक सख्त संदेश जाए। प्रशासन निगरानी, जागरूकता अभियान मजबूत करे।
अब समय आ गया है कि सरकार बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस, सख्त कार्रवाई करे, वरना मासूमों की सुरक्षा खतरे में ही बनी रहेगी।

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