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राज्य स्थापना के रजत जयंती पर 5 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक के ऊपर 10 बजे सूर्यकिरण एयरोबेटिक शो होगा। 900 किलोमीटर की रफ्तार से विमान 10 किलोमीटर के दायरे में हवा में कलाबाजी दिखाएंगे। इस दौरान वे करतब दिखाते हुए न्यूनतम 100 फीट की ऊंचाई तक आएंग
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राज्य में दूसरी बार हो रहे इस शो के मायने ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार छत्तीसगढ़ का बेटा स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल इसका हिस्सा होंगे। सूर्यकिरण एयरोबेटिक शो में वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण टीम बॉम्ब बर्स्ट, हार्ट-इन-द-स्काई और एरोहेड फॉर्मेशन जैसे रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत करेगी। महासमुंद जिले के अर्जुनी गांव के गौरव भी अपने साथ के लोगों के बीच हवा में करतब दिखाएंगे। उन्होंने दैनिक भास्कर ने उनसे विशेष बातचीत की।
पेश है बातचीत के प्रमुख अंश…
एयरफोर्स पायलट का पहला सपना फाइटर प्लेन उड़ाना होता है, आपने सूर्यकिरण विमान उड़ाना क्यों चुना? गौरव: 2014 से मैं फाइटर फ्लाइंग कर रहा हूं। प्राइमरी जहाज जगुआर है। सूर्यकिरण टीम के साथ उड़ान भरना टीम वर्क और सटीकता के उच्चतम स्तर का प्रतीक है। हर युद्धाभ्यास, हर रोल, हर फॉर्मेशन जो हम करते हैं, उसके लिए पूर्ण विश्वास और अनुशासन की आवश्यकता होती है। इस टीम में शामिल होने के लिए विभिन्न तरह के टेस्ट से गुजरना पड़ता है। इसके बाद 3 साल के लिए चयन होता है। पिछले एक साल से सूर्यकिरण टीम में हूं।
अर्जुनी गांव से आकाश तक के सफर पर आप क्या कहेंगे? -सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम का हिस्सा बनकर देश का झंडा फहराते हुए घर लौटना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। छत्तीसगढ़ ने मुझे जड़ें दी हैं और भारतीय वायुसेना ने मुझे पंख दिए हैं। उम्मीद है कि मेरी कहानी राज्य के युवा पुरुषों और महिलाओं को निडर होकर सपने देखने और आसमान छूने के लिए प्रेरित करेगी।
विमान कहां से उड़ान भरेंगे, कहां तक जाएंगे? -सूर्यकिरण की टीम में शामिल सभी 9 जहाज स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे और सेंध तालाब के ऊपर आधे घंटे तक विभिन्न तरह के फार्मेशन बनाएंगे। विमान 900 किलोमीटर/ घंटे की रफ्तार से 10 किलोमीटर के दायरे में उड़ान भरेंगे। हालांकि, हवा में अलग- अलग फार्मेशन बनाने के दौरान विमानों की स्पीड कम ज्यादा होती रहती है।
राज्य में सूर्यकिरण शो का क्या उद्देश्य है ? -यह शो छत्तीसगढ़ की प्रगति, उपलब्धियों और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इससे युवा पीढ़ी को अनुशासन, साहस व टीमवर्क की प्रेरणा मिलेगी। राज्य के युवाओं को भारतीय वायु सेना ज्वाइन करने के लिए मोटिवेट करना बड़ा उद्देश्य है।
हवा में फार्मेशन बनाते समय कितनी चुनौती रहती है? गौरव पटेल: सूर्यकिरण टीम एशिया की एकमात्र नौ विमान की एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम है, जो बेहद करीबी व सटीक उड़ान के लिए जानी जाती है। टीम ने भारत और विदेशों में 700 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। टीम के सभी विमान जब हवा में फार्मेशन बनाते हैं तो उनके बीच की न्यूनतम दूरी 5 मीटर होती है।
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