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देश में ऑनलाइन सट्टा-जुआ के मामलों में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर है। यहां ऑनलाइन सट्टा में 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जबकि दूसरे स्थान पर मध्यप्रदेश 11 और तीसरे पर महाराष्ट्र 10 है। इसी तरह बुजुर्गों के खिलाफ हत्या में भी छत्तीसगढ़ आगे है। नक्सलियों के
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यह खुलासा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट-2023 से हुआ है। रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई। देश के गिने-चुने राज्यों में ऑनलाइन सट्टा-जुआ पर कार्रवाई चल रही है। इसमें छत्तीसगढ़ पहले नंबर पर है, क्योंकि यहां लगातार महादेव सट्टा एप और उससे जुड़े अन्य एप पर कार्रवाई हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में 2023 में 67961 केस दर्ज हुए हैं। 2022 में 73822 और 2021 में 70519 केस दर्ज हुए थे।
बुजुर्ग राज्य में सुरक्षित नहीं राज्य में 73 बुजुर्गों पर जानलेवा हमले हुए, जिनमें उनकी मौत हुई। इसमें हत्या दर (प्रति एक लाख लोगों पर) 3.6 रही, जो राष्ट्रीय औसत 1.2 से तीन गुना है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध की दर 89.7 प्रति लाख है, जो राष्ट्रीय औसत 76.3 से कहीं अधिक है।
पूरे देश में ऐसे अपराधों में मामूली कमी आई है। 2022 में 28545 से घटकर 2023 में 27886 मामले हो गए। वहीं छत्तीसगढ़ में यह बढ़कर 1798 हो गए। 2021 में 1408 और 2022 में 1632 मामले दर्ज हुए थे। राज्य का क्राइम रेट 3.6 है, जबकि मध्यप्रदेश का 2.7% है। 2023 में छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों के लिए 2521 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 2457 पर आरोप तय हुए। न्यायिक प्रक्रिया में 235 दोषी करार दिए गए। जबकि 1520 नए मामले कोर्ट पहुंचे।
साइबर क्राइम बढ़ता ही जा रहा राज्य में साइबर क्राइम और फ्रॉड लगातार बढ़ रहे हैं। 2023 में 473 मामले दर्ज किए गए। जबकि 2022 में 439 और 2021 में 352 केस थे। साइबर क्राइम में देश में राज्य का 18वां स्थान है। इसमें चाइल्ड पोर्नोग्राफी के 293, नाबालिग से जुड़े 185, ऑनलाइन बैंकिंग के 15, ठगी के 36 और छल के 44 केस हैं। 890 केस की जांच जारी है। महिलाओं से जुड़ी 242 घटनाएं हुईं। यौन उत्पीड़न के 195 और बच्चों से संबंधित 193 मामले हैं।
आर्थिक अपराध कम : 2023 में 1912 मामले दर्ज हुए है। जबकि 2022 में 1936 थे। इसमें गबन के 191, ठगी के 1,708 और प्रॉपर्टी विवाद के 1698 मामले शामिल हैं।
अभी भ्रष्टाचार के 217 मामलों की चल रही सुनवाई 2023 में भ्रष्टाचार का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। 2022 में 13 और 2021 में 26 मामले दर्ज हुए थे। इनमें से 53 मामलों की जांच जारी है। 80 मामलों में चार्जशीट पेश की गई। 45 मामलों की जांच लंबित है। भ्रष्टाचार के 217 मामलों में सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने 7 मामलों में दोषी ठहराया है। जबकि 10 मामलों में आरोपियों को बरी किया गया।
नक्सलियों से मुठभेड़ बढ़ी नक्सलियों के खिलाफ हत्या के 56 केस दर्ज हुए हैं। हत्या की कोशिश के 102 और अपहरण के 4 केस दर्ज किए गए। झारखंड में 10 और महाराष्ट्र में 5 केस दर्ज हुए। 2023 में राजद्रोह के 7 मामले दर्ज हुए। 2022 में 10 और 2021 में 6 मामले थे। 56 मामलों का ट्रायल चल रहा है।
महिला अपराध में हम टॉप 10 में दुष्कर्म के मामलों में राज्य का 8वां स्थान है। 2023 में 1171 मामले दर्ज हुए। इनमें 18 से अधिक उम्र की 77 और नाबालिग लड़कियों से जुड़े 43 मामले शामिल हैं। महिलाओं पर हमले के मामलों में राज्य 13वें स्थान पर है। इसमें 1034 केस दर्ज है। छेड़खानी के 724 और सेक्सुअल हरेसमेंट के 207 मामले सामने आए। भ्रूण हत्या के 61 मामले दर्ज हुए। इसमें राज्य में देश में 8वां स्थान है।
चाकूबाजी बढ़ी राज्य में चाकूबाजी की 1571 घटनाओं में 1613 आरोपी पकड़े गए। इसमें राज्य 14वें स्थान पर है। हत्या के 958 और हत्या की कोशिश के 687 केस हैं।
बच्चों के खिलाफ अपराध राज्य में बच्चों के खिलाफ 5904 घटनाएं हुईं। 2022 में 6177 थी। पाक्सो एक्ट के 1989, साइबर क्राइम के 202, बच्चे गुम के 88 और अपहरण के 1725 केस हैं।
सड़क हादसे में 12वां स्थान सड़क हादसों में हमारा राज्य 12वें स्थान पर है। 2023 में 5193 सड़क हादसे हुए। इसमें 6020 लोगों की मौत हुई। इनमें हिट एंड रन के 2072 केस हैं। फैक्ट्री हादसे या लापरवाही से 821 मौतें हुईं है।
बच्चे हो रहे गुम राज्य में 2023 में 4962 बच्चे लापता हुए। इनमें 908 लड़कियां और 4054 लड़के हैं। इनमें से 4250 बच्चों को तलाश लिया गया। मानव तस्करी के 22 केस हैं।
पर्यावरण अपराध 2023 में 229 केस दर्ज हुए। जबकि 2022 में 87 थे। राज्य का इसमें 12वां स्थान है। इनमें ध्वनि प्रदूषण के 187, सिगरेट व तंबाकू से जुड़े 31 मामले हैं।
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