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दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल की सजा के साथ ही अर्थदंड से दंडित किया गया
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में 15 साल की नाबालिग को एक युवक शादी का झांसा देकर घर से भगा ले गया। लगातार उसके साथ 5 माह तक शारीरिक संबंध बनाया। घटना की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पाॅक्सो न्यायालय में पेश किया। जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आ
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अभियोजना पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके परिवार में पत्नी और तीन पुत्रियां हैं। जिसमें बड़ी बेटी पीड़िता 15 साल की है।
वह 30 अप्रैल 2024 की सुबह करीब साढ़े 11 बजे उसकी छोटी बेटी की अंकसूची लेने के लिए शासकीय स्कूल जा रही हूं कहकर निकली और काफी देर तक नहीं लौटी।
तब उसके पिता स्कूल व घर से स्कूल के बीच संभावित स्थानों पर अपनी बड़ी बेटी के बारे में पता करने पर उसका कोई पता नहीं चला। उसे शंका था कि उसकी नाबालिग बेटी को किसी ने बहला फुसलाकर ले गया है।
जिसके बाद मामले की सूचना पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध कायम कर जांच शुरू किया। विवेचना के दौरान उसकी बेटी के द्वारा उपयोग किए जा रहे मोबाइल नंबर का सीडीआर लिया गया।
उससे संबंधित गवाहो के कथन दर्ज किए जाने पर जानकारी हुई कि पीड़िता पडोरा में रहने वाले शिवम निषाद के साथ घुमना-फिरना करती थी।
आरोपी प्रयागराज उत्तर प्रदेश चले गया साथ ही दोनों ही घटना दिनांक समय से लापता हैं। इसके बाद संदेही शिवम निषाद का लगातार पता तलाश किए जाने के दौरान उसके मोबाईल नंबर का सीडीआर लिए जाने पर मोबाइल बंद मिला। संदेही के गृह ग्राम गिरसा सराईपाली जब पुलिस पहुंची, तो जानकारी हुई कि प्रयागराज उत्तरप्रदेश चले गया है।
संदेही लगातार लोकेशन बदल रहा था संदेही लगातार अपना लोकेशन बदल रहा था। जिस कारण पीड़िता व अभियुक्त नहीं मिल पा रहे थे। मुखबीर की सूचना पर 26 सितबंर 2024 को जिला रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में पहुंचकर पूछताछ करने पर उसके द्वार आजाद नगर थाना खमतराई के रहने वाले मकान मालिक शेखर मारकण्डे के किराए के मकान से पीड़िता को पुलिस ने बरामद किया।
पीड़िता 4 माह के गर्भ से हुई इसके बाद पीड़िता से पूछताछ करने पर पीड़िता के द्वारा बताया गया कि आरोपी शिवम निषाद के द्वारा शादी करने का वादा कर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।
लगातार पांच माह तक शारीरिक संबंध बनाता रहा। जिसके कारण वह चार माह के गर्भ से है। पीड़िता का कथन दर्ज करने के बाद उसके माता-पिता का कथन दर्ज किया गया।
6 हजार के अर्थदंड से भी किया दंडित ऐसे में पुलिस ने मामले में अपराध कायम कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसे पाॅक्सो न्यायालय में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू के समक्ष पेश किया गया। जहां दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी पर दोष सिद्ध पाया गया।
तब न्यायाधीश ने आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए 6 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
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