ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से हाथी, खराब सड़क की समस्या झेलते आ रहे हैं
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के छाल क्षेत्र में ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं। खेदापाली चौक पर चक्काजाम किया जा रहा है और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज और ग्रामीण अपनी 15 सूत्रीय मांगो को लेकर नारे लगा रहे हैं। इसके हाथी और सड़क की समस्या
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गुरूवार की सुबह करीब 9 बजे से ग्रामीणों ने अपना आंदोलन शुरू किया। उनका कहना था कि छाल क्षेत्र में खराब सड़क समेत 15 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज द्वारा पिछले दिनों तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था।
जिसमें कहा गया था कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो आंदोलन किया जाएगा। ऐसे में ग्रामीण अपनी मांगो के लिए चक्काजाम शुरू कर दिया।
इस आंदोलन में छाल, बर्रा, खेदापाली व अन्य गांव के लोग शामिल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आंदोलन के 5 घंटे बाद भी कोई भी अधिकारी यहां नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों ने अपनी मांगो को लेकर आंदोलन स्थल पर नारे लगाए
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रहेगा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष शौकीलाल नेताम ने बताया कि हाथी की यहां ज्वलंत समस्या समस्या है। हम लोग चाहते हैं कि प्रति एकड़ 70 हजार रूपए की दर से मुआवाजा मिलना चाहिए, लेकिन किसानों को नहीं मिल रहा है। किसानों के बिना सहमति के बर्रा-पुरूंगा को कोल ब्लाॅक खोला जा हा रहा है, उसे निरस्त किया जाए।.
SECL के कोयला परिवहन के कारण रोड जाम होता है उसके लिए अलग से यार्ड बनाए। ताकि लोगों को परेशानी न हो। इसके अलावा अन्य मांगे है। अगर मांगे पूरी नहीं होगी तो आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन के कारण दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी लाईन लग गई
यह है ग्रामीणों की 15 मांगे 1. क्षेत्र में हाथी समस्या ज्वलंत है। हाथी द्वारा ग्रामीणों को जन हानि पर मुआवजा की राशि 50 लाख रुपए भुगतान कर परिवार के योग्य एक सदस्य को शासकीय नौकरी दिया जाए। यदि फसल नुकसान होने पर या हाथी, सुअर, और बंदर के डर से जमीन छोड़े जाने पर प्रति एकड़ 70 हजार भुगतान किया जाए। 2. यूरिया खाद की काला बाजारी को तत्काल रोक लगाकर क्षेत्र के किसानों को खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाए। 3. छाल क्षेत्र के जिन किसानों के द्वारा केसीसी कर्ज लिया गया है। यदि जंगली जानवरों के द्वारा उसके फसल को नुकसान किया जाता है तो उसका पूरा कर्ज माफ किया जाए। 4. वन एवं राजस्व भूमि में पीढ़ी दर पीढ़ी काबिज कास्तकारों को भूस्वामी हक दिया जाए। 5. विकास खण्ड धरमजयगढ़, घरघोड़ा, खरसिया, लैलूंगा में 5वीं अनुसूचि एवं पेशा कानून का पूर्णतः पालन किया जाए। साथ ही गोदावरी एनर्जी कम्पनी द्वारा 2014 में नावापारा, बोजिया में, चीतापाली, कटाईपाली (सी) की लगभग 900 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया गया एवं आज पर्यन्त तक भौतिक कब्जा नहीं किया गया है और ना ही रोजगार पुनर्वास का सुविधा दिया गया है। इसलिए उक्त भूमि को संबंधित किसानों को वापस किया जाए। 7. किसानों के बिना सहमति से बर्रा (खरसिया) कोल ब्लाक एवं पुरुंगा (छाल) कोल ब्लाक प्रस्तावित किया गया है उसे तत्काल निरस्त किया जाए। 8. एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र के छाल उपक्षेत्र द्वारा कोयला परिवहन के उपयोग से जर्जर हो चुके सड़क को तत्काल निर्माण करा कर डिवाइडर लगाया जाए। 9. कोयला परिवहन वाहन के कारण हमेशा कोयला वाहनों का जाम लगा रहता है जिससे आम जनों को आने जाने में असुविधा होता है इसलिए कोयला परिवहन सड़क जाम करने वाले गाड़ियों के उपर FIR दर्ज कर कड़ी कार्यवाही कर ब्लैक लिस्ट में डाला जाए। 10. एसईसीएल के सीएसआर मद और डीएमएफ मद का उपयोग कोयला प्रभावित क्षेत्र में किया जाए। 11. छाल उपक्षेत्र के सभी खान परिसर में कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों को कोल इंडिया द्वारा निर्धारित एचपीसी वेज भुगतान किया जाए। 12. छाल उपक्षेत्र के सभी खान परिसर में ठेका श्रमिकों से 8 घंटा से अधिक कार्य लिया जाना बंद किया जाए। 13. खदान के आस पास प्रभावित गामिणों को वरियता प्रदान कर खदानों में अकुशल कार्यभार के रुप में काम दिया जाए। 14. एसईसीएल छाल उपक्षेत्र के भूमि अधिग्रहण के तहत आश्रित परिवारों को शिविर लगाकर रोजगार दिया जाए। 15. एसईसीएल छाल उपक्षेत्र में बिना तिरपाल ढके कोयला परिवहन किया जा रहा है जिसे तत्काल रोक लगाया जाए।
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