खाने की तालाश में हाथी दल गांव तक पहुंचा, कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में हाथियों की मौजूदगी है। जो रात को जंगल से निकलकर गांव के करीब तक पहुंच रहे हैं। जहां धरमजयगढ़ और रायगढ़ वन मंडल में हाथियों ने धान की तालाश में 3 ग्रामीणों के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं सब्जी व धान की फसल को भी नुकसान प
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धर्मजयगढ़ वन मंडल में 37 हाथी अलग अलग दल में विचरण कर रहे है। जिसमें कापू रेंज के लिप्ती बीट में सबसे अधिक 20 हाथी का दल मौजूद है।
हाथियों के इस दल ने बुधवार की रात को बांधपारा पाराघाटी में दिलीप व यदुमणी यादव के मकान को क्षतिग्रस्त करते हुए घर में रखे तीन बोरियों से अधिक धान और मक्के को खाया है।
साथ ही साथ पखनाकोट में हाथियों के दल ने वहां लगे गोभी, टमाटर के फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। रात में हाथियों के मौजूदगी सूचना मिलते ही हाथी मित्र दल व वनकर्मी मौके पर पहुंचे और हाथियों को जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया। जहां काफी देर के बाद हाथियों का दल वापस जंगल की ओर चले गया।

हाथियों ने धान को खाया और फैला दिया, साथ ही सब्जियों को भी नुकसान पहुंचाया
यहां भी किया मकान क्षतिग्रस्त रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा रेंज के छर्राटांगर में भी हाथियों ने धान फसल और मकान को नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि 2 हाथी चारमार की ओर से छर्राटांगर में पहुंचे। यहां 1 मकान और धान की फसल को नुकसान कर दिया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और हाथियों को जंगल की ओर भगाया। वहीं सभी मामले में विभागीय कर्मचारियों द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
जिले में 84 हाथियों की मौजूदगी जिले के रायगढ़ वन मंडल और धरमजयगढ़ वन मंडल में 84 हाथियों की मौजूदगी है। जिसमें रायगढ़ में 47 और धरमजयगढ़ वन मंडल में 37 हाथी हैं।
इसमें 31 नर, 33 मादा व 20 शावक शामिल हैं। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए सभी प्रभावित क्षेत्रों में वन अमला द्वारा मुनादी कराई गई है।
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