दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक ली। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य योजना के सफल और त्वरित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। इसमें जिले के कार्यपालन अभियंता, सोलर वेंडर
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कलेक्टर ने योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका लक्ष्य हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाना और नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों और सोलर वेंडरों से आवंटित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए आपसी समन्वय से काम करने को कहा। कलेक्टर ने खासकर उन उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया, जिन्होंने योजना के तहत पंजीकरण तो कराया है, लेकिन अभी तक सोलर वेंडर का चयन नहीं किया है।

सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
कलेक्टर ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं से संपर्क कर जल्द से जल्द सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। साथ ही उन्होंने बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस योजना का फायदा उठा सकें।
लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता
बैठक में कलेक्टर ने सभी बैंकों को पीएम सूर्यघर योजना के तहत ऋण प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का निर्देश दिया, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके। उन्होंने बताया कि यह योजना न केवल बिजली बिलों में राहत प्रदान करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
1463 उपभोक्ताओं के घरों में लगे सोलर प्लांट
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बैठक में जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 5910 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1463 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 1152 उपभोक्ताओं को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ भी प्रदान किया गया है।
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि यदि सभी विभाग और बैंक मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें, तो दुर्ग जिला राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है।
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