भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले के पुलिस महकमे में प्रशासनिक कसावट लाने और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। एसपी द्वारा जारी किए गए ताजा आदेश के तहत जिले के 80 प्रधान आरक्षकों और आरक्षकों का सामूहिक रूप से तबादला कर दिया गया है। इस थोक तबादले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस पूरे फेरबदल में एसपी ने उन कर्मचारियों को निशाने पर लिया जो पिछले 03 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही थाना, चौकी या यातायात शाखा में अपनी जड़ें जमाए हुए थे। यातायात शाखा से हटाए गए 23 कर्मचारी: तबादला सूची में सबसे बड़ा बदलाव यातायात (ट्रैफिक) शाखा में देखने को मिला है। लंबे समय से ट्रैफिक विभाग में जमे 23 कर्मचारियों को एक साथ हटाकर जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और ग्रामीण इलाकों में तैनात किया गया है। वहीं, थानों में पदस्थ कुछ कर्मचारियों को यातायात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 1. रोटेशन नीति का पालन: पुलिस विभाग में 3 से 3.5 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों का तबादला किया गया है। इसके तहत पुलिस लाइन के कर्मियों को थानों और चौकियों में फील्ड ड्यूटी का अवसर दिया गया। 2. यातायात शाखा में शिकायतें: ट्रैफिक शाखा के कई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर व्यापक फेरबदल कर कई कर्मियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा गया है। 3. शिकायत व प्रदर्शन आधार: तबादलों को केवल नियमित प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है। रघुवीर यादव और राजू कश्यप सहित कुछ कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें मिलने पर उन्हें अन्य स्थानों पर पदस्थ किया गया है। 4. करही चौकी के लिए नई टीम: नवस्थापित करही सहायता केंद्र-चौकी में एक उपनिरीक्षक, दो हवलदार और छह आरक्षकों की तैनाती की गई है। अस्थायी कर्मियों को मूल थानों में लौटाया जाएगा।
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