नेपाल के पोखरा में हुई इंडो-नेपाल चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ की भारतफुटबॉल क्लब (BFC) ने शानदार परफॉर्मेंस करते हुए भारत का नाम रोशन किया। 21 से 25 मई तक पोखरा स्टेडियम में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत और नेपाल की टीमें शामिल हुईं।
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BFC की अंडर-19 टीम ने फाइनल में जबरदस्त गेम दिखाते हुए 6-4 से जीत दर्ज कर चैम्पियनशिप अपने नाम कर ली। वहीं क्लब की अंडर-17 टीम रनर-अप रही।
इस इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन यूथ स्पोर्ट्स एजुकेशन फेडरेशन इंडिया ने किया था। टूर्नामेंट को फिट इंडिया मूवमेंट से मान्यता मिली हुई है और नीति आयोग से भी अप्रूवल प्राप्त है।
भारत से तीन टीमें उतरीं मैदान में
चैम्पियनशिप में भारत की ओर से महाराष्ट्र, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ की टीमें शामिल हुईं। वहीं नेपाल से पोखरा और काठमांडू की टीमों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ की ओर से BFC ने रिप्रेजेंट किया और दोनों एज ग्रुप में शानदार गेम दिखाया।
फाइनल मैच में दिखा अटैकिंग गेम
अंडर-19 फाइनल में BFC के खिलाड़ियों ने शुरू से अटैकिंग फुटबॉल खेली। टीम ने लगातार गोल कर मैच पर पकड़ बनाए रखी और आखिर में 6-4 से मुकाबला जीत लिया। पूरे मैच में खिलाड़ियों का कोऑर्डिनेशन और टीमवर्क शानदार रहा।

U-19 की विनिंग टीम।
अंडर-17 टीम भी रही शानदार
क्लब की अंडर-17 टीम ने भी पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया। टीम फाइनल तक पहुंची, हालांकि आखिरी मुकाबले में हार के बाद उसे रनर-अप से संतोष करना पड़ा। खिलाड़ियों ने बताया नेपाल की टीम को होम कंडीशन का फायदा मिला।
ऊंचाई में खेलने की आदत नहीं होने के कारण फाइनल में उतना बेहतर गेम नहीं दिखा पाए। हालांकि इस हार के बावजूद खिलाड़ियों के खेल की काफी तारीफ हो रही है।

U-17 की टीम रनर अप रही।
कोच बोले- पैरेंट्स ने विश्वास दिखाया, जीत से बच्चों में बढ़ा विश्वास
क्लब के कोच नया ने बताया कि इंडिया में ज्यादातर बच्चों का रुझान क्रिकेट की तरफ रहता है। पेरेंट्स भी चाहते हैं कि बच्चे कुछ गिने-चुने स्पोर्ट्स में ही आगे बढ़ें। फुटबॉल का कल्चर अभी उतना डेवलप नहीं हुआ है।
लेकिन इसके बावजूद जिन बच्चों को नेपाल लेकर गए, उनके पेरेंट्स ने पूरा सपोर्ट किया। यही वजह रही कि बच्चों ने बिना किसी टेंशन के शानदार परफॉर्मेंस दिया।
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