छपरवा गांव का दुर्गा मंदिर, जहां के ग्रामीण शेर आने का दावा कर रहे।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से लगे अचानकमार टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में स्थित छपरवा गांव का दुर्गा मंदिर नवरात्रि के समय एक अनोखी घटना के लिए प्रसिद्ध है।
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यहां के स्थानीय लोग और मंदिर के पुजारी दावा करते हैं कि हर नवरात्रि में दुर्गा माता की सवारी शेर रात में मंदिर पहुंचकर दर्शन करता है और फिर जंगल की ओर लौट जाता है।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के मुताबिक, जब शेर मंदिर में आता है, तो पूरे परिसर में एक विशेष सुगंध फैल जाती है, जिसे सभी महसूस करते हैं। यह प्राचीन मंदिर दूर-दूर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जो यहां आकर माता से मन्नत मांगते हैं।

मंदिर में जल रही अखंड ज्योत।
पुजारी बोले- मैंने खुद शेर को आते देखा
मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्रि में कई बार मैंने अपनी आंखों से शेर को मंदिर में मां के दर्शन करते हुए देखा है। जब वह आता है, तो वातावरण में दिव्य सुगंध फैल जाती है। यह माता की कृपा है।

नवरात्रि में मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते है।
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते है
बैगा आदिवासी समाज सहित आसपास के आदिवासी समुदाय हर साल नवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। एक श्रद्धालु ने बताया कि वे हर साल नवरात्रि में यहां आते हैं और ग्रामीणों की इस मान्यता पर विश्वास करते हैं कि मां की सवारी शेर इस मंदिर में आता है।
यह मान्यता इस मंदिर को और भी प्रसिद्ध बनाती है, जिसके कारण नवरात्रि के दौरान दूर-दराज से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है।


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