छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लालखदान के पास गेवरारोड-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्रालय ने रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) ब्रजेश कुमार मिश्रा को जांच का जिम्मा सौंपा था। CRS की 30 पेज की विस्तृत प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए
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बिलासपुर रेल हादसे के बाद DRM राजमल खोईवाल हटाए गए।
बता दें कि 4 नंवबर को गेवरारोड से बिलासपुर आ रही बिलासपुर स्टेशन से 6 किलोमीटर पहले लालखदान में खड़ी मालगाड़ी को जबरदस्त टक्कर मार दी थी। इस हादसे में लोको पायलट समेत 12 यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि, 20 से अधिक यात्री घायल हो गए थे।
रेलवे ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराने की घोषणा की थी, जिसके बाद इस मामले में सीआरएस बीके मिश्रा ने तीन अलग–अलग चरण में जांच की। उनकी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट से मेमू चलवाने की वजह से हादसा होने सहित कई खामियां बताई गई है।
जांच रिपोर्ट आने से पहले दिखावे की कार्रवाई दुर्घटना की दूसरे ही दिन वे जांच करने पहुंचे और तीन दिन तक रहे। उसके बाद उन्होंने प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर, प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर और प्रिंसिपल चीफ मेकेनिकल इंजीनियर को कोलकाता बुलवाकर पूछताछ की थी। तीसरी बार में उन्होंने असिस्टेंट लोको पायलट का बयान खुद लिया। इससे पहले जिस अफसर ने बयान लिया था उसमें उन्हें खामी नजर आई थी। चूंकि लोको पायलट विद्यासागर साइको टेस्ट में फेल था उसके बाद भी प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव कुमार बरनवाल और सीनियर डीओपी मसूद आलम ने उसे मेमू चलाने की ड्यूटी दे दी थी। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही दोनों अफसरों पर दिखावे की कार्रवाई की गई। 16 नवंबर को सबसे पहले सीनियर डीओपी मसूद आलम को लंबे अवकाश पर भेजा गया। दूसरा तबादला 3 दिसंबर को प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी का किया गया। फिर 10 दिसंबर को मसूद आलम की पोस्टिंग रेलवे इलेक्ट्रिक लोको शेड में की गई।
रेलवे बोर्ड ने किया DRM और PCEE का ट्रांसफर इस बीच सीआरएस बीके मिश्रा ने जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड भेजी। इस रिपोर्ट में कई खामियां गिनाई गई हैं। बोर्ड से रिपोर्ट मिलने के साथ ही गुरुवार को सबसे पहले डीआरएम बिलासपुर राजमल खोईवाल को हटाने का आदेश जारी किया। उनके स्थान पर वेस्टर्न रेलवे के उमेश कुमार को बिलासपुर का डीआरएम बनाया गया है। उसके बाद प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव बरनवाल का तबादला आदेश जारी कर ईस्ट सेंट्रल रेलवे भेजा गया। उनके स्थान पर ईस्ट सेंट्रल रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आरके चौधरी का तबादला साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे बिलासपुर किया गया है।
जोनल मुख्यालय के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की चर्चा मेमू रेल हादसे की CRS रिपोर्ट आने के बाद रेलवे बोर्ड ने जिस तरह से कार्रवाई करते हुए डीआरएम सहित तीन अफसरों को हटाया उससे बिलासपुर जोनल मुख्यालय में खलबली मच गई है। कहा जा रहा है कि साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट को ट्रेन चलाने की अनुमति देने के लिए जिम्मेदार अफसरों पर अब तक सख्ती से कार्रवाई नहीं की गई है। केवल दिखावे के लिए विभाग बदला गया है। ऐसे में चर्चा है कि रेलवे बोर्ड CRS की जांच रिपोर्ट के आधार पर साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट को मेमू चलाने की अनुमति देने वाले अफसरों पर सख्ती से कार्रवाई कर सकता है।
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बिलासपुर में 4 नवंबर को हुए ट्रेन हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी।
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